
किशनगंज जिले में पिछले कुछ महीनों से सीमा क्षेत्रों में बढ़ी सख्ती अब साफ तौर पर असर दिखाने लगी है। बंगाल और नेपाल सीमा से सटे इस इलाके में अवैध परिवहन और एंट्री माफिया के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई हो रही है। असम से बंगाल होते हुए बिहार तक सक्रिय अवैध कोयला सिंडिकेट को अब बड़ा झटका लगने लगा है। प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी निगरानी और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के कारण अवैध कारोबारियों की गतिविधियां सीमित होती नजर आ रही हैं।
किशनगंज पुलिस ने बीते दिनों लगातार अभियान चलाकर 15 से अधिक कोयला लदे ट्रकों को जब्त किया है। जांच में सामने आया कि इन ट्रकों का परिवहन फर्जी जीएसटी चालान के सहारे किया जा रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बड़े कारोबारियों और एंट्री माफियाओं तक पहुंचने की तैयारी में जुट गई है।
हर दिन करोड़ों के राजस्व नुकसान का अनुमान
जानकारी के मुताबिक असम से बंगाल के रास्ते बिहार आने वाले कोयला लदे ट्रक एनएच-327ई और एनएच-27 से गुजरते हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे वाहन शामिल थे जिनके पास वैध जीएसटी दस्तावेज नहीं होते थे। ऐसे ट्रकों को एंट्री माफिया की मदद से सीमा पार कराया जाता था।
विभागीय सूत्रों के अनुसार कोयले पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू है। एक ट्रक में औसतन 35 से 40 टन कोयला लोड रहता है। प्रति टन के हिसाब से पांच से आठ हजार रुपये तक जीएसटी देय होता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकार को प्रतिदिन भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
सूत्रों की मानें तो असम से चोरी का कोयला कम कीमत पर ट्रकों में भरकर फर्जी जीएसटी कागजात के जरिए बंगाल होते हुए बिहार तक पहुंचाया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में एंट्री माफिया की भूमिका अहम मानी जा रही है। बताया जाता है कि एक ट्रक को तीन राज्यों से पार कराने के लिए करीब एक लाख रुपये तक वसूले जाते थे। हालांकि अब सीमाओं पर बढ़ी निगरानी के बाद यह नेटवर्क दबाव में आ गया है।
लगातार कार्रवाई से माफिया नेटवर्क में हड़कंप
किशनगंज पुलिस की सक्रियता के चलते इस महीने ही करीब 15 कोयला लदे ट्रकों को पकड़ा गया है। इससे पहले पटना से पहुंची जीएसटी विभाग की टीम ने भी नौ ट्रकों को जब्त किया था, जिनके दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए थे।
बताया जा रहा है कि बंगाल में भी प्रशासनिक सख्ती बढ़ने के बाद एंट्री माफिया की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। स्थिति यह है कि कई ट्रक बंगाल सीमा तक पहुंचने के बाद बिहार बॉर्डर पर रुकने को मजबूर हो रहे हैं।
पत्थर, गिट्टी और बेडमिसाली के अवैध परिवहन पर भी नजर
एनएच-327ई से प्रतिदिन करीब 1100 से अधिक ट्रक पत्थर, गिट्टी, बेडमिसाली और कोयला लेकर गुजरते थे। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे वाहनों की थी जिनके पास वैध कागजात नहीं पाए जाते थे। लेकिन अब बंगाल सीमा पर भी दस्तावेजों की सख्ती से जांच शुरू हो गई है। यही वजह है कि कई जगहों पर ट्रकों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी निगरानी का असर ट्रांसपोर्ट और मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर भी दिखाई दे रहा है। विभिन्न स्थानों पर रात में गश्त, इंटर-स्टेट वाहन जांच और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया नियमित रूप से की जा रही है।
दोनों राज्यों के बीच बढ़ा सुरक्षा समन्वय
हाल ही में बंगाल एसटीएफ द्वारा बिहार में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद दोनों राज्यों के बीच सुरक्षा समन्वय और मजबूत हुआ है। प्रशासनिक एजेंसियां अब साझा रणनीति के तहत अवैध कारोबार और संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही हैं।
किशनगंज एसपी संतोष कुमार ने कहा कि पुलिस लगातार वाहनों की जांच कर रही है। अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में पकड़ी गई कोयला लदी गाड़ियों में फर्जी जीएसटी दस्तावेज मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में कार्रवाई जारी है।



