
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चांदनी चौक स्थित प्राचीन गौरी शंकर मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सोमनाथ मंदिर को भारत के आत्मगौरव और स्वाभिमान का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सदियों तक हुए बर्बर आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ की आस्था कभी नहीं टूटी। उन्होंने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और सनातन चेतना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि आज जिस भव्यता और गौरव के साथ सोमनाथ मंदिर विश्व पटल पर खड़ा है, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
शिव भजन और ओंकार जाप से शिवमय हुआ चांदनी चौक
कार्यक्रम के दौरान गौरी शंकर मंदिर परिसर में शिव भजन, ओंकार जाप और शिव तांडव जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुईं।
इस मौके पर गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा गया।
सुबह से ही गौरी शंकर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर पूजा-अर्चना के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। पूरे मंदिर परिसर में शिव भजनों और ओंकार जाप की गूंज सुनाई दी, जिससे चांदनी चौक का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सनातन को मिटाने की कोशिश कभी सफल नहीं हुई: कपिल मिश्रा
कार्यक्रम में मौजूद कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि आक्रांताओं ने शक्ति के बल पर भारत के सनातन केंद्रों को नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन वे सनातन संस्कृति को समाप्त नहीं कर सके।
उन्होंने कहा कि आज वे आक्रांता इतिहास के पन्नों में दब चुके हैं, जबकि सनातन संस्कृति आज भी पूरे वैभव और गौरव के साथ खड़ी है।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश वर्मा, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।



