झोपड़ी से NQAS तक: सुकमा के मिनपा हेल्थ सेंटर ने रचा इतिहास, स्वास्थ्य सेवाओं में आया बड़ा बदलाव

सुकमा: बेहद दुर्गम, पहुंचविहीन और संवेदनशील क्षेत्र में स्थित सुकमा जिले का मिनपा स्वास्थ्य केंद्र आज सेवा, संघर्ष और समर्पण की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरा है। वर्ष 2022 में सीमित संसाधनों और झोपड़ी जैसी अस्थायी व्यवस्था से शुरू हुई स्वास्थ्य सेवाओं ने अब राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) मूल्यांकन तक पहुंचकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
शुरुआती दौर में भौगोलिक कठिनाइयों और विषम परिस्थितियों के चलते इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया और इलाज के साथ-साथ लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।
मैदानी अमले की मेहनत से बदली तस्वीर
मितानिन, एएनएम, सीएचओ, सुपरवाइजर और सेक्टर मेडिकल ऑफिसर सहित पूरे मैदानी स्वास्थ्य अमले की निरंतर मेहनत और जिला प्रशासन के सहयोग से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत हुआ। इसी सतत प्रयास का परिणाम रहा कि 15 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक मूल्यांकन दल ने मिनपा स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर सफल मूल्यांकन पूरा किया।
सेवा और समर्पण की प्रेरक कहानी
मिनपा स्वास्थ्य केंद्र की यह उपलब्धि केवल एक स्वास्थ्य सुविधा के विकास की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जनसेवा का स्तर राष्ट्रीय मानकों तक पहुंचाया जा सकता है। यह उपलब्धि स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण और सेवा भावना की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है।



