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मेरठ में बिजली कटौती के विरोध में आम आदमी पार्टी का जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

मेरठ में भीषण गर्मी में 15–16 घंटे की बिजली कटौती से आम जनता, किसान, व्यापारी और छात्र बेहाल।

Meerut News: भीषण गर्मी के बीच मेरठ जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती, फर्जी बिजली बिलों, निजी कंपनियों की मनमानी और जनता विरोधी बिजली नीतियों के खिलाफ आम आदमी पार्टी मेरठ द्वारा जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता अंकुश चौधरी के नेतृत्व में हाथों में बीजने लेकर सोमवार को कमिश्नरी पार्क से लेकर जिला मुख्यालय तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। अंकुश चौधरी ने कहा भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश की जनता बिजली संकट, महंगी दरों और फर्जी बिलिंग की मार झेलने को मजबूर है।
15–16 घंटे तक की बिजली कटौती से परेशान
मेरठ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में जनता एक तरफ लगातार बढ़ती बिजली दरों का बोझ उठा रही है तो दूसरी तरफ 15–16 घंटे तक की बिजली कटौती से परेशान है। घंटों बिजली गुल रहने के कारण लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, घरों में पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है, छोटे व्यापार और दुकानदारों का काम प्रभावित हो रहा है तथा भीषण गर्मी में आम लोगों का जीवन संकटपूर्ण बन चुका है।
विफल विद्युत व्यवस्था की भयावह तस्वीर
जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने कहा कि बाराबंकी के फतेहपुर क्षेत्र स्थित झांसा गांव में हुआ दर्दनाक हादसा योगी सरकार की विफल विद्युत व्यवस्था की भयावह तस्वीर पेश करता है। भीषण गर्मी और लगातार बिजली कटौती के कारण एक परिवार घर के बाहर सोने को मजबूर हुआ, जहां तेज रफ्तार कंटेनर ने उन्हें कुचल दिया और पिता सहित 3 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। यह केवल एक सड़क हादसा नहीं बल्कि सरकार की लापरवाही और बदहाल बिजली व्यवस्था का परिणाम है।
योगी सरकार को लेनी चाहिए इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में बिजली व्यवस्था सुचारु होती और लोगों को रातभर बिजली मिलती तो शायद यह परिवार घर के बाहर सोने को मजबूर नहीं होता। योगी सरकार को इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्याय देना चाहिए।
बिजली व्यवस्था सुधारने में विफल
अंकुश चौधरी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार बिजली व्यवस्था सुधारने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रदेश की जनता महंगी बिजली के बिल भरने के बावजूद अंधेरे में रहने को मजबूर है। भाजपा सरकार केवल विज्ञापनों में विकास दिखा रही है जबकि जमीनी हकीकत यह है कि पूरा प्रदेश बिजली संकट से जूझ रहा है।
बिजली कटौती के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा
उन्होंने कहा कि किसानों को भी बिजली कटौती के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने से फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों की आय पर सीधा असर पड़ रहा है। सरकार किसानों और आम जनता दोनों को संकट में छोड़कर आंख मूंदे बैठी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लागू किए गए स्मार्ट मीटर वास्तव में “स्मार्ट मीटर” नहीं बल्कि “स्मार्ट चीटर” साबित हुए। जिन उपभोक्ताओं का पहले 1500 रुपये तक बिजली बिल आता था, वही बिल स्मार्ट मीटर लगने के बाद 6000–7000 रुपये तक पहुंचने की शिकायतें सामने आईं। आम आदमी पार्टी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह जी के नेतृत्व में हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन के बाद सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा और स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
अमृतकाल” नहीं बल्कि “लालटेन काल”
जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश की जनता को “अमृतकाल” नहीं बल्कि “लालटेन काल” की ओर धकेल रही है। भीषण गर्मी में घंटों बिजली कटौती यह साबित करती है कि सरकार के पास न कोई विजन है और न ही जनता को राहत देने की कोई योजना। जनता से महंगी बिजली के नाम पर वसूली की जा रही है लेकिन बदले में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
आज के विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष अंकुश चौधरी के साथ कैंट विधानसभा अध्यक्ष भरत लाल यादव, दक्षिण विधानसभा अध्यक्ष सलीम मंसूरी, सरधना विधानसभा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी,शिक्षक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष हेम कुमार, महिला जिला अध्यक्ष नीलम शर्मा और एसके शर्मा आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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