विकसित भारत की दिशा में तेज़ी से बढ़ते कदम: सुशासन, सुधार और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा 16 जुलाई से 31 जुलाई 2026 के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण नीतिगत एवं प्रशासनिक निर्णय देश को “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर गति प्रदान करने वाले साबित हो रहे हैं। आर्थिक सुधारों, आधारभूत संरचना, कृषि, रक्षा, शिक्षा, खेल, ऊर्जा सुरक्षा तथा सुशासन से जुड़े अनेक फैसले सरकार की दीर्घकालिक विकास दृष्टि को प्रतिबिंबित करते हैं। प्रस्तुत “इंडिया गवर्नेंस वॉच” रिपोर्ट में इन पहलों को विस्तार से रेखांकित किया गया है।
सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने और भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निर्यात-उन्मुख इन्वेंट्री आधारित ई-कॉमर्स में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति प्रदान की है। इस निर्णय से भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ेगी, निर्यात क्षमता मजबूत होगी तथा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई गति मिलेगी। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) तथा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेशक हितों को सुदृढ़ करने वाले अनेक नियामकीय सुधार भी लागू किए गए हैं।
ऊर्जा सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹84,084 करोड़ की ‘समुद्र मंथन’ राष्ट्रीय अपतटीय ऊर्जा अन्वेषण योजना को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य गहरे समुद्री तेल एवं गैस संसाधनों के दोहन को बढ़ावा देकर देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाना है। इसके अतिरिक्त रेलवे, बंदरगाह, दूरसंचार, शहरी विकास तथा हरित ऊर्जा से संबंधित अनेक परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जो आधुनिक और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमता को नई ऊंचाई देते हुए निजी क्षेत्र की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने विक्रम-1 मिशन के माध्यम से सफल कक्षीय प्रक्षेपण कर इतिहास रचा है। रिपोर्ट के अनुसार यह उपलब्धि अंतरिक्ष क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए सुधारों तथा निजी भागीदारी को बढ़ावा देने की नीति का सकारात्मक परिणाम है। साथ ही साइबर सुरक्षा, दूरसंचार और स्वदेशी सेमीकंडक्टर विकास से जुड़े कदम डिजिटल भारत के विजन को और मजबूत करते हैं।
युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक एवं अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कराया है। इसके साथ ही विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालयों तथा विशेष जांच तंत्र की स्थापना का निर्णय पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ₹36,441 करोड़ की संशोधित खेलो इंडिया एवं राष्ट्रीय खेल महासंघ सहायता योजना को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को वर्ष 2030-31 तक ₹3.15 लाख करोड़ के परिव्यय के साथ जारी रखने का निर्णय लिया है। इससे करोड़ों किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से आय सहायता मिलती रहेगी। साथ ही ग्राम पंचायतों के सशक्तीकरण, डिजिटल कृषि, कृषि निर्यात संवर्धन तथा ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में भी अनेक महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं।

रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक बल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, रक्षा उत्पादन में निजी उद्योग की भागीदारी बढ़ाने तथा आधुनिक निगरानी प्रणालियों के विकास जैसे निर्णय आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और सशक्त राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। कुल मिलाकर, इंडिया गवर्नेंस वॉच रिपोर्ट यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार आर्थिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, प्रशासनिक सुधार, तकनीकी नवाचार, किसान कल्याण, युवा सशक्तीकरण तथा राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। इन पहलों का उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर, समावेशी, प्रतिस्पर्धी और विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है।






