
पटना: बिहार में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल की ओर से जनता दल यूनाइटेड को महागठबंधन में लौटकर सरकार बनाने का प्रस्ताव दिए जाने के बाद सियासी चर्चाएं और बढ़ गई हैं। इन घटनाक्रमों के बीच जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पार्टी के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की अहम बैठक बुलाई। पार्टी कार्यालय के कर्पूरी सभागार में नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रबोधन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
बैठक की शुरुआत नीतीश कुमार ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और मंत्री निशांत कुमार के साथ दीप जलाकर की। कार्यक्रम में विधायी कार्य, कानून बनाने की प्रक्रिया और प्रश्नकाल समेत सदन से जुड़े विषयों की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। इसके साथ ही यूसीसी, पार्टी के नामकरण और आरजेडी के प्रस्ताव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना जताई गई है।
यूसीसी पर जदयू में अलग-अलग राय
समान नागरिक संहिता को लेकर जदयू नेताओं के बीच अलग-अलग राय सामने आई है। वरिष्ठ नेता और विधायक श्याम रजक ने कहा है कि बिहार में यूसीसी लागू नहीं होने दिया जाएगा। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि पार्टी पहले यूसीसी विधेयक के प्रावधानों को देखेगी और उसके बाद अपना रुख तय करेगी। उनका कहना है कि प्रावधानों की समीक्षा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की जाएगी और पार्टी के भीतर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया जाएगा।
RJD के ऑफर के बीच बैठक पर टिकी नजर
आरजेडी की ओर से नीतीश कुमार और जदयू को महागठबंधन में लौटने का प्रस्ताव दिए जाने के बाद इस बैठक को लेकर राजनीतिक चर्चा बढ़ी है। आरजेडी ने यूसीसी के मुद्दे को लेकर भी जदयू से एनडीए छोड़कर महागठबंधन में लौटने की अपील की है। हालांकि, जदयू की बैठक के एजेंडे में पार्टी संगठन और विधायी विषयों के साथ कई अन्य मुद्दे भी शामिल बताए गए हैं।
MLC चुनाव को लेकर भी मंथन
आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर भी जदयू की इस बैठक पर नजर है। पार्टी के भीतर एमएलसी चुनाव की रणनीति और उम्मीदवारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना जताई गई है। नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच सामने आए मतभेदों के बीच पार्टी नेतृत्व की ओर से दोनों पक्षों के बीच समन्वय की कोशिशों की भी चर्चा है।
बाढ़ और सरकार के कामकाज पर भी हो सकती है चर्चा
बैठक में बिहार में बाढ़ की स्थिति और सरकार के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर भी नेताओं को निर्देश दिए जाने की संभावना जताई गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के जरिए संगठनात्मक तथा विधायी विषयों पर चर्चा की जा रही है।



