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बीड़ी-सिगरेट की लत छोड़ना चाहते हैं? ये आसान घरेलू उपाय बन सकते हैं मददगार, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

नई दिल्ली: हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को तंबाकू और धूम्रपान से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति जागरूक करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 1987 में इस अभियान की शुरुआत की थी और तब से दुनिया भर में तंबाकू सेवन कम करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, धूम्रपान केवल फेफड़ों और हृदय को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। यही वजह है कि बीड़ी, सिगरेट, हुक्का और अन्य तंबाकू उत्पादों की लत छोड़ने पर लगातार जोर दिया जाता है। हालांकि, एक बार निकोटिन की आदत पड़ जाने के बाद इसे छोड़ना आसान नहीं होता। ऐसे में कुछ घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव इस सफर को थोड़ा आसान बना सकते हैं।

अदरक की चाय से मिल सकती है राहत

धूम्रपान छोड़ने की शुरुआत में कई लोगों को जी मिचलाना, बेचैनी, चक्कर आना या सिरदर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अदरक की चाय या अदरक का रस राहत पहुंचाने में मददगार माना जाता है।

अदरक में मौजूद प्राकृतिक तत्व पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के साथ-साथ मतली और असहजता को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इसलिए धूम्रपान छोड़ने की कोशिश कर रहे लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।

योग, ध्यान और सुबह की सैर से बढ़ेगी इच्छाशक्ति

बीड़ी-सिगरेट छोड़ने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मजबूत संकल्प की होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यक्ति अपने निर्णय पर कायम रहना चाहता है तो उसे अपनी दिनचर्या में योग, ध्यान, प्राणायाम और सुबह की सैर जैसी गतिविधियों को शामिल करना चाहिए।

शुरुआती दिनों में ये गतिविधियां कठिन या उबाऊ लग सकती हैं, लेकिन धीरे-धीरे शरीर और मन इनकी आदत विकसित कर लेते हैं। इससे तनाव कम होता है और धूम्रपान की इच्छा पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है।

अंगूर का रस भी हो सकता है फायदेमंद

धूम्रपान के दौरान शरीर में निकोटिन और कई अन्य हानिकारक तत्व प्रवेश करते हैं, जो धीरे-धीरे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि अंगूर के रस में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को डिटॉक्स करने में मदद कर सकते हैं।

अंगूर का रस शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी सहायक माना जाता है। हालांकि निकोटिन को पूरी तरह बाहर निकालने के दावे पर वैज्ञानिक शोध सीमित हैं, फिर भी संतुलित आहार का हिस्सा बनने के कारण इसे उपयोगी माना जाता है।

सूरजमुखी के बीज से कम हो सकती है तलब

धूम्रपान छोड़ने के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बार-बार सिगरेट या तंबाकू की तलब लगना होती है। ऐसे समय में सूरजमुखी के बीज चबाना एक अच्छा विकल्प माना जाता है।

इन बीजों को धीरे-धीरे चबाने से मुंह व्यस्त रहता है और धूम्रपान की इच्छा कम महसूस हो सकती है। यदि किसी को सूरजमुखी के बीज पसंद न हों तो बिना तंबाकू वाली चूसने वाली टॉफी या शुगर-फ्री लॉजेंज का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

तंबाकू छोड़ने के लिए विशेषज्ञ की सलाह भी जरूरी

हालांकि घरेलू उपाय मददगार साबित हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय से तंबाकू का सेवन कर रहे लोगों के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना भी जरूरी है। निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी, काउंसलिंग और व्यवहारिक उपचार जैसे उपाय धूम्रपान छोड़ने की सफलता की संभावना बढ़ा सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू छोड़ने की दिशा में उठाया गया हर छोटा कदम बेहतर स्वास्थ्य और लंबी जिंदगी की ओर एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

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