MP के छात्रों के लिए बड़ी सौगात! 11 सरकारी कॉलेजों में शुरू होंगे नए संकाय और विषय, स्थानीय स्तर पर मिलेगी उच्च शिक्षा

भोपाल: मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा को और अधिक सुलभ एवं व्यापक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 11 शासकीय महाविद्यालयों में नए संकाय और विषय शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी, जिससे हजारों विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
उच्च शिक्षा विभाग का यह कदम दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि उन्हें उच्च अध्ययन के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।
6 महाविद्यालयों में शुरू होगा विज्ञान संकाय
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन के अनुसार प्रदेश के छह शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय की शुरुआत की जाएगी। इन महाविद्यालयों में भौतिकी, रसायन विज्ञान, प्राणीशास्त्र, गणित और वनस्पति विज्ञान विषयों का संचालन किया जाएगा।
जिन कॉलेजों में विज्ञान संकाय शुरू किया जा रहा है, उनमें शासकीय महाविद्यालय देवेंद्रनगर, केसली, रहली, गढ़ाकोटा, शाहगढ़ और जावर शामिल हैं। इसके अलावा शासकीय महाविद्यालय ढाना में स्नातक स्तर पर इतिहास विषय प्रारंभ करने की भी स्वीकृति दी गई है।
स्नातकोत्तर स्तर पर भी बढ़ेंगे अध्ययन के अवसर
उच्च शिक्षा विभाग ने कई महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर पर नए विषय शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत शासकीय महाविद्यालय देवेंद्रनगर में राजनीतिक शास्त्र विषय में स्नातकोत्तर कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
शासकीय महाविद्यालय बम्हनी में राजनीतिक शास्त्र, हिन्दी और समाजशास्त्र विषय शुरू होंगे, जबकि शासकीय महाविद्यालय नईगढ़ी में राजनीतिक शास्त्र, भूगोल और समाजशास्त्र विषयों में स्नातकोत्तर अध्ययन की सुविधा मिलेगी।
विज्ञान और मानविकी विषयों को मिलेगा विस्तार
शासकीय कन्या महाविद्यालय बासौदा में स्नातकोत्तर स्तर पर भौतिकी, रसायन शास्त्र, प्राणीशास्त्र, गणित और वनस्पति शास्त्र विषय शुरू किए जाएंगे।
वहीं शासकीय महाविद्यालय बंडा में अर्थशास्त्र, हिन्दी, इतिहास, वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र और रसायन शास्त्र विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं संचालित होंगी।
इसके अलावा शासकीय महाविद्यालय रहली और गढ़ाकोटा में हिन्दी साहित्य, राजनीतिक शास्त्र और समाजशास्त्र विषय शुरू किए जाएंगे। शासकीय महाविद्यालय शाहगढ़ में हिन्दी साहित्य, राजनीतिक शास्त्र, भूगोल और इतिहास विषयों में स्नातकोत्तर अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी।
ग्रामीण छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने गृह जिले या आसपास के क्षेत्रों में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल छात्रों का समय और खर्च बचेगा, बल्कि बड़े शहरों की ओर होने वाला शैक्षणिक पलायन भी कम होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पहल
विभाग के अनुसार यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है और विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार अधिक विषयों का विकल्प उपलब्ध कराया जा रहा है।



