जीवनशैलीस्वास्थ्य

ब्लड प्रेशर को रखना है कंट्रोल में? डाइट में आज ही शामिल करें ये सुपरफूड्स, हार्ट रहेगा हेल्दी

नई दिल्ली: आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। खराब जीवनशैली, असंतुलित खान-पान और तनाव इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। यह स्थिति आगे चलकर हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही डाइट अपनाकर ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां हैं बेहद फायदेमंद

हरी पत्तेदार सब्जियों में प्राकृतिक रूप से नाइट्रेट पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। शोध बताते हैं कि रोजाना एक बाउल हरी सब्जियों का सेवन करने से कार्डियोवस्कुलर बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है और ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है।

बैरीज का सेवन भी लाभकारी

ब्लूबेरी और स्ट्रॉबेरी जैसे फलों में एंथोसायनिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को कम करने में सहायक माना जाता है। एक लंबे समय तक की गई स्टडी में यह पाया गया कि एंथोसायनिन का नियमित सेवन करने वालों में हाइपरटेंशन का जोखिम कम देखा गया।

केला नियंत्रित करता है ब्लड प्रेशर

केला पोटेशियम का अच्छा स्रोत है, जो शरीर में सोडियम के प्रभाव को संतुलित करने का काम करता है। एक मध्यम आकार के केले में लगभग 422 मिलीग्राम पोटेशियम पाया जाता है, जो रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है।

डार्क चॉकलेट भी है फायदेमंद

डार्क चॉकलेट में मौजूद कोकोआ फ्लेवोनॉयड्स नामक एंटीऑक्सीडेंट ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सीमित मात्रा में इसका सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

कीवी और तरबूज भी रखें दिल का ख्याल

कीवी में मौजूद पोषक तत्व ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। वहीं तरबूज में पाया जाने वाला सिट्रूलिन शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे रक्त वाहिकाएं रिलैक्स होती हैं और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।

संतुलित डाइट से मिल सकता है बेहतर स्वास्थ्य लाभ

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन फूड्स को नियमित और संतुलित आहार में शामिल किया जाए तो हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और लंबे समय तक हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है।

Related Articles

Back to top button