अन्तर्राष्ट्रीय

पुतिन ने भारत की जमकर की तारीफ, बोले- भारतीय दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली लोगों में शामिल, रूस-भारत साझेदारी और होगी मजबूत

मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर भारत और भारतीयों की खुलकर सराहना करते हुए दोनों देशों के रिश्तों को भरोसे, सम्मान और भाईचारे की मजबूत नींव पर आधारित बताया है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच दशकों पुराना सहयोग समय के साथ और अधिक मजबूत हुआ है तथा आने वाले वर्षों में यह साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।

पुतिन ने कहा कि 1947 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से भारत और रूस के बीच मित्रता लगातार गहरी होती गई है। उनके अनुसार दोनों देशों के संबंध केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आपसी विश्वास और दीर्घकालिक सहयोग पर आधारित हैं।

भारतीयों की प्रतिभा का किया विशेष उल्लेख

रूसी राष्ट्रपति ने भारतीयों की शिक्षा, तकनीकी दक्षता और पेशेवर क्षमता की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत के लोग दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली और उच्च शिक्षित लोगों में शामिल हैं। विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी और कोडिंग के क्षेत्र में भारतीय विशेषज्ञों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए पुतिन ने कहा कि उनकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर सम्मान और पहचान प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि भारतीय पेशेवरों ने आधुनिक तकनीक, सॉफ्टवेयर विकास और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिसकी चर्चा दुनिया भर में होती है।

प्रधानमंत्री मोदी के फैसलों को बताया जिम्मेदार

अपने संबोधन में पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में लिए गए निर्णयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में उत्पन्न परिस्थितियों के दौरान भारत द्वारा उठाए गए एहतियाती कदम जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण थे।

पुतिन के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से निजी वाहनों के सीमित उपयोग और अनावश्यक लंबी यात्राओं से बचने की अपील की थी, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक व्यावहारिक और दूरदर्शी कदम था।

भारत की जरूरतों के लिए हरसंभव सहयोग करेगा रूस

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में रूस भारत और अन्य एशियाई देशों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हरसंभव सहयोग कर रहा है। उन्होंने बताया कि रूसी कंपनियों और भारतीय साझेदारों ने आपसी सहयोग को नई गति देने का फैसला किया है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और तकनीकी संबंध और मजबूत होंगे।

उन्होंने कहा कि रूस भारतीय बाजार के लिए आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और समाधान भी साझा कर रहा है। इससे व्यापारिक और औद्योगिक सहयोग को नई मजबूती मिल रही है।

राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है भारत

पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और किसी भी बाहरी दबाव के आधार पर निर्णय नहीं करता। उन्होंने कहा कि भारत स्वतंत्र नीति अपनाने वाला देश है, जो अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों के अनुरूप फैसले लेने में सक्षम है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत पर किसी प्रकार के प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया जाता है तो उसका अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेगा, क्योंकि भारत अपनी नीतियों और आवश्यकताओं के अनुसार आगे बढ़ने की क्षमता रखता है।

अमेरिका के साथ भारत के रिश्तों पर भी बोले पुतिन

रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिका और भारत के संबंधों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी समझ के अनुसार दोनों देशों के रिश्ते सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को यह पूरा अधिकार है कि वह अपनी जरूरतों के अनुसार सर्वश्रेष्ठ तकनीक, उत्पाद और सेवाओं का चयन करे।

पुतिन के मुताबिक, भारत हमेशा गुणवत्ता, उपयोगिता और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेता है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

रूस-भारत सहयोग पर किसी का प्रभाव नहीं

राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग किसी राजनीतिक दबाव या अंतरराष्ट्रीय माहौल पर निर्भर नहीं करता। उन्होंने कहा कि कोई भी देश रूस को यह नहीं बता सकता कि उसे भारत के साथ किस प्रकार का सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रूस अपने साझेदारों के साथ किए गए वादों को निभाने में विश्वास रखता है और भारत जैसे भरोसेमंद मित्र के साथ यह प्रतिबद्धता और भी मजबूत है।

ऊर्जा, रक्षा और तकनीक में बढ़ रही साझेदारी

पुतिन ने कहा कि ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और निवेश जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत और रूस की साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों की कंपनियों के बीच बढ़ता सहयोग भविष्य में नए अवसर पैदा करेगा और द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूती देगा।

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