ईरान का बड़ा पलटवार! होर्मुज में तेल टैंकरों में आग, कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले

नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव और गहरा गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और ईरानी सेना ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से कई हमले किए हैं। वहीं, इससे पहले 20 जुलाई की रात अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने भी ईरान के ठिकानों पर व्यापक हवाई हमले किए थे। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि कुवैत में अमेरिकी रडार, संचार और सैटेलाइट सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इसके अलावा ‘अली अल सालेम’ एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन के हैंगर पर भी हमला किए जाने का दावा किया गया है।
ईरानी सेना के अनुसार, कुवैत स्थित ‘कैंप आरिफजान’ में तैनात अमेरिकी मिसाइल सिस्टम को भी निशाना बनाया गया। ईरान का कहना है कि इन हमलों के जरिए अमेरिकी सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों में लगी आग
आईआरजीसी के दावे के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दक्षिणी समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों में बड़े धमाकों के बाद आग लग गई। इसके अलावा ओमान के तट के पास भी एक अन्य टैंकर को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है।
बहरीन में एयर डिफेंस सिस्टम पर भी हमला
ईरान ने बहरीन में भी अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का दावा किया है। आईआरजीसी के अनुसार, मुहर्रक क्षेत्र में अमेरिकी रडार और एयर डिफेंस सिस्टम पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। इसके साथ ही बहरीन के रिफा क्षेत्र में तैनात अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया गया।
कतर ने जताई कड़ी आपत्ति
ईरान की सैन्य कार्रवाई के बाद कतर ने कड़ा रुख अपनाया है। कतर ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर अपने देश पर हुए ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। साथ ही ईरान से इन हमलों में हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग भी की है।



