शहीदी दिवस से पहले पाकिस्तान का बड़ा कदम, 737 भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा जारी; पवित्र स्थलों की यात्रा का रास्ता साफ

नई दिल्ली: सिख समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर पाकिस्तान सरकार ने भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए वीजा जारी कर दिया है, जिससे उनकी धार्मिक यात्रा का मार्ग प्रशस्त हो गया है। पाकिस्तान उच्चायोग की ओर से 10 से 19 जून तक आयोजित होने वाले वार्षिक धार्मिक उत्सव के लिए 737 भारतीय तीर्थयात्रियों को वीजा प्रदान किया गया है।
पाकिस्तान के प्रमुख गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे श्रद्धालु
नई दिल्ली: जारी बयान के अनुसार, वीजा प्राप्त श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। इनमें गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा ननकाना साहिब और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब सहित कई ऐतिहासिक एवं आस्था से जुड़े स्थल शामिल हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों की यात्रा करते हैं और गुरु अर्जुन देव जी की शहादत को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं।
धार्मिक यात्रा के लिए प्रोटोकॉल के तहत जारी हुए वीजा
नई दिल्ली: भारत में पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त साद अहमद वाराइच ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शांतिपूर्ण यात्रा की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं को सुगम बनाना दोनों देशों के बीच हुए समझौतों और धार्मिक स्वतंत्रता के सम्मान का हिस्सा है। वीजा प्रक्रिया 1974 में दोनों देशों के बीच हुए धार्मिक स्थलों की यात्रा संबंधी प्रोटोकॉल के तहत पूरी की गई है।
एसजीपीसी ने जताई राहत, 541 श्रद्धालुओं को मिली मंजूरी
नई दिल्ली: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से भी इस संबंध में जानकारी दी गई है। धर्म प्रचार समिति के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल के अनुसार, कुल 561 पासपोर्ट पाकिस्तान दूतावास में जमा किए गए थे, जिनमें से 541 श्रद्धालुओं के वीजा स्वीकृत हुए हैं, जबकि 20 आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए हैं।
अमृतसर से जत्था होगा रवाना
नई दिल्ली: मथरेवाल के अनुसार, वीजा प्राप्त श्रद्धालुओं का जत्था बुधवार को अमृतसर स्थित एसजीपीसी मुख्यालय से पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालु विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में मत्था टेकेंगे और गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस से जुड़े विशेष धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। यह यात्रा 19 जून तक जारी रहेगी, जिसके बाद श्रद्धालु भारत वापस लौटेंगे।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की यात्रा
नई दिल्ली: सिख समुदाय के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जाती है। राजनीतिक तनावों के बावजूद धार्मिक यात्राओं के लिए वीजा जारी होना श्रद्धालुओं के लिए राहत और खुशी का विषय है।



