
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT का एक्शन शुरू! CCTV से दानपात्र तक खंगाले रिकॉर्ड, पहले दिन सामने आए कई अहम सवाल
अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सोमवार से अपनी औपचारिक जांच शुरू कर दी। पहले ही दिन जांच टीम ने राम मंदिर परिसर पहुंचकर चढ़ावे की गणना, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की।
जांच की शुरुआत पीएफसी स्थित गणनास्थल के निरीक्षण से हुई। टीम ने वहां मौजूद निगरानी व्यवस्था, सीसीटीवी सिस्टम, कंट्रोल रूम संचालन और ड्यूटी चार्ट से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने अधिकारियों को विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
8 महीने की CCTV फुटेज डिलीट होने के आरोप पर भी पूछताछ
जांच के दौरान टीम ने पूर्व लेखा प्रभारी होने का दावा करने वाले महिपाल सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों को भी गंभीरता से लिया। विशेष रूप से आठ महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने के आरोपों के संबंध में जानकारी जुटाई गई। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले राम मंदिर परिसर में फुटेज डिलीट होने का मामला गंभीर आपराधिक श्रेणी में माना जा रहा है।
इसके अलावा जांच अधिकारियों ने मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों की व्यवस्था, उनके रखरखाव, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया तथा बैंक तक धनराशि पहुंचाने की पूरी प्रणाली की जानकारी भी ली।
एक हफ्ते में प्रारंभिक रिपोर्ट, 15 दिन में पूरी जांच
SIT को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रदेश सरकार को सौंपनी है, जबकि विस्तृत जांच रिपोर्ट 15 दिनों में प्रस्तुत करनी होगी। फिलहाल टीम तथ्य जुटाने और प्रारंभिक निष्कर्ष तैयार करने में जुटी हुई है।
सूत्रों के अनुसार पहले चरण में यह स्थापित किया जाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। यदि अनियमितता या चोरी की पुष्टि होती है तो यह भी जांचा जाएगा कि घटना कब से और किस तरीके से हो रही थी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित गड़बड़ी केवल नकदी तक सीमित थी या श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषण भी इसकी जद में आए।
दूसरे चरण में होंगे बयान और जवाबदेही तय
जांच के अगले चरण में संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद SIT अपनी रिपोर्ट में न केवल जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करेगी, बल्कि व्यवस्था में मौजूद खामियों और सुधार के सुझाव भी शामिल करेगी।
रामलला के दर्शन के बाद उप मंदिरों का भी किया निरीक्षण
दिनभर की जांच के बाद टीम ने रामलला और राम परिवार के दर्शन किए। इसके साथ ही परकोटे के भीतर स्थित उप मंदिरों में जाकर वहां रखे गए दानपात्रों और चढ़ावा व्यवस्था की जानकारी भी जुटाई। जांच के दौरान प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
‘आपराधिक और सुधारात्मक दोनों पहलू देखने होंगे’
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि SIT को केवल आपराधिक पक्ष ही नहीं बल्कि सुधारात्मक पहलुओं की भी जांच करनी होगी। उनका मानना है कि जब तक जांच रिपोर्ट में दोनों पक्षों पर स्पष्ट निष्कर्ष नहीं आएंगे, तब तक जनता का भरोसा पूरी तरह बहाल नहीं हो सकेगा।
दोषियों को मिले कड़ी सजा: अनुप्रिया पटेल
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मामले को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की भावनाओं का केंद्र है।
‘हर रुपये की जवाबदेही जरूरी’
बाबरी प्रकरण के पूर्व पैरोकार इकबाल अंसारी ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाला चढ़ावा करोड़ों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक है और उसके हर रुपये का हिसाब होना चाहिए। उन्होंने SIT जांच पर भरोसा जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ट्रस्ट की नैतिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल
जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी ने कहा कि यदि चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो केवल कर्मचारियों पर जिम्मेदारी डालकर नहीं बचा जा सकता। उन्होंने कहा कि संस्थान के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों की भी नैतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए और उन्हें सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।



