असम-बांग्लादेश सीमा पर हड़कंप: घास काटने गए भारतीय को उठा ले गए बांग्लादेशी, रात में सुरक्षित लौटाया गया

कछार: असम के कछार जिले में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मंगलवार को उस समय तनाव फैल गया, जब घास काटने गए एक भारतीय नागरिक के कथित अपहरण की खबर सामने आई। स्थानीय लोगों के आरोप के अनुसार, सीमा पार से आए कुछ बांग्लादेशी नागरिक उसे अपने साथ ले गए। हालांकि कई घंटों की हलचल और संपर्क के बाद देर रात उसे सुरक्षित भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया।
घास इकट्ठा करने गया था ग्रामीण, अचानक हो गया लापता
जानकारी के अनुसार, कछार जिले के सीमावर्ती क्षेत्र काटीगोरा निवासी रंजीत दास मंगलवार सुबह अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक घास इकट्ठा करने गया था। कुछ समय बाद उसके लापता होने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों में चिंता फैल गई। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि बांग्लादेश की ओर से आए लोगों ने उसे पकड़कर सीमा पार ले जाने की कोशिश की।
घटना की खबर फैलते ही पूरे सीमावर्ती इलाके में तनाव का माहौल बन गया और प्रशासनिक एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
रात 10 बजे भारतीय अधिकारियों को सौंपा गया
कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सैकिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित व्यक्ति को देर रात सुरक्षित वापस लौटा दिया गया। उनके मुताबिक, बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड ने रात करीब 10 बजे रंजीत दास को भारतीय अधिकारियों के हवाले कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि व्यक्ति सुरक्षित है और उसकी वापसी के बाद स्थिति सामान्य हो गई है।
‘जीरो पॉइंट’ इलाके में हुई घटना
पुलिस के अनुसार, जिस स्थान से रंजीत दास लापता हुआ था, वह भारतीय क्षेत्र का हिस्सा है, लेकिन सीमा पर लगी बाड़ के आगे स्थित है। इस इलाके को आमतौर पर ‘जीरो पॉइंट’ कहा जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोग अक्सर खेती, पशुपालन और घास काटने जैसे कार्यों के लिए इस क्षेत्र में आते-जाते रहते हैं। इसी दौरान यह घटना सामने आई।
कानूनी कार्रवाई बांग्लादेश प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि यदि घटना में बांग्लादेशी नागरिकों की संलिप्तता साबित होती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई वहां की एजेंसियों और प्रशासन के माध्यम से ही की जा सकेगी, क्योंकि मामला सीमा पार के लोगों से जुड़ा हुआ है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच सामने आई घटना
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत और बांग्लादेश के बीच कुछ कूटनीतिक मुद्दों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हाल ही में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के एक वरिष्ठ सलाहकार के नई दिल्ली हवाई अड्डे पर रोके जाने का मामला भी सुर्खियों में रहा था। हालांकि बाद में उन्हें यात्रा की अनुमति मिल गई थी, लेकिन उन्होंने विरोध स्वरूप अपनी यात्रा बीच में ही समाप्त कर दी थी।
सीमा पर हुई इस ताजा घटना ने एक बार फिर दोनों देशों की सीमावर्ती सुरक्षा और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।



