इंदौर में बड़ा धमाका! बोरवेल खुदाई के दौरान फटी PNG पाइपलाइन, आग की चपेट में आए 4 लोग, दो वाहन जले

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को बोरवेल खुदाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। विजय नगर थाना क्षेत्र में ड्रिलिंग मशीन भूमिगत पीएनजी पाइपलाइन से टकरा गई, जिसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ और मौके पर आग भड़क उठी। हादसे में एक महिला समेत चार लोग झुलस गए, जबकि दो वाहन आग की चपेट में आकर जल गए। घायलों में एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार घटना विजय नगर थाना क्षेत्र स्थित सुमन नगर जैन मंदिर के पास हुई। बोरवेल की खुदाई के दौरान ड्रिलिंग मशीन जमीन के भीतर बिछी गैस पाइपलाइन से टकरा गई। टक्कर के बाद पाइपलाइन फट गई और देखते ही देखते आग लग गई। घटना के समय आसपास मौजूद लोग और राहगीर इसकी चपेट में आ गए।
भूमिगत गैस लाइन से टकराने पर हुआ विस्फोट
विजय नगर थाने के उप निरीक्षक अजय सिंह ने बताया कि साजन नगर कॉलोनी क्षेत्र में नलकूप खनन या जल संरक्षण से जुड़ा कार्य चल रहा था। इसी दौरान ड्रिलिंग मशीन अवंतिका गैस की भूमिगत पीएनजी लाइन से टकरा गई, जिससे गैस रिसाव के बाद विस्फोट हुआ और आग लग गई।
उन्होंने बताया कि हादसे के समय आसपास मौजूद कई लोग अचानक आग की लपटों की चपेट में आ गए। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
एक महिला सहित चार लोग झुलसे, युवक की हालत गंभीर
हादसे में तीन पुरुष और एक महिला घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में विजय पटेल नामक युवक गंभीर रूप से झुलस गया है, जबकि अन्य को अपेक्षाकृत कम चोटें आई हैं।
पुलिस के मुताबिक घायल महिला करीब 20 प्रतिशत तक झुलस गई है। वहीं एक मैकेनिक को भी मामूली चोटें आई हैं। चिकित्सकों की निगरानी में सभी घायलों का इलाज जारी है।
दो वाहन जलकर खाक, समय रहते टला बड़ा खतरा
विस्फोट और आग के कारण घटनास्थल के पास खड़े दो वाहन भी जल गए। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
अधिकारियों के अनुसार करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पीएनजी लाइन के वॉल्व तत्काल बंद कर दिए गए, जिससे गैस का रिसाव रुक गया और बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि खुदाई कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही भूमिगत पाइपलाइन की जानकारी होने के बावजूद आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।



