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उत्तर भारत में मानसून का महाअटैक! 16 राज्यों पर बारिश-आंधी का डबल वार, IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट

नई दिल्ली: भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और मौसम विभाग के अनुसार एक नया मौसम तंत्र बनने से अगले 3 से 4 दिनों के दौरान मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत 16 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिलेगी राहत

राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की एंट्री में कुछ देरी देखने को मिल रही है। पहले इसके 27 जून तक पहुंचने का अनुमान था, लेकिन अब जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून के दस्तक देने की संभावना जताई गई है। हालांकि 27 जून से 1 जुलाई के बीच प्री-मानसून गतिविधियां तेज रहेंगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। 28 जून से तापमान में गिरावट शुरू होगी, जबकि 30 जून और 1 जुलाई को अच्छी बारिश होने के आसार हैं, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन 29 जून से 1 जुलाई के बीच मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। लखनऊ, मेरठ, नोएडा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और बरेली समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज आंधी, बिजली गिरने और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बिहार में शुरू होगा भारी बारिश का लंबा दौर

बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया समेत अधिकांश जिलों में 28 जून तक हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके बाद 29 जून से 2 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। यह बारिश किसानों और विशेष रूप से धान की खेती के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।

मध्य प्रदेश पर मेहरबान हुआ मानसून

मध्य प्रदेश में इस बार मानसून का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और सागर सहित राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी और खरीफ फसलों की बुआई को भी गति मिलेगी।

राजस्थान में भी बरसेंगे मेघ

राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और उदयपुर समेत कई जिलों में 27 से 29 जून के बीच अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। बारिश से प्रदेश के जलाशयों और जलस्रोतों के जलस्तर में सुधार होने की उम्मीद है।

पंजाब-हरियाणा में लू की विदाई तय

पंजाब और हरियाणा में लंबे समय से जारी लू का दौर अब खत्म होने की ओर है। प्री-मानसून गतिविधियों के प्रभाव से दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून पूरे पंजाब और हरियाणा को कवर कर लेगा।

उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ा खतरा, ट्रिपल अलर्ट जारी

पहाड़ी राज्यों में मौसम अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उत्तराखंड के पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और देहरादून में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कुल्लू और कांगड़ा में मध्यम बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी बारिश का जोर

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। दूसरी ओर तमिलनाडु के कन्याकुमारी और नीलगिरी क्षेत्रों के साथ कर्नाटक और केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। इन राज्यों में 27 और 28 जून को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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