
रांची: झारखंड में मानसून के बीच आकाशीय बिजली का कहर लगातार जारी है। राज्य के लोहरदगा, लातेहार और कोडरमा जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग झुलसकर घायल हो गए। घटनाओं के बाद प्रभावित इलाकों में शोक का माहौल है।
लोहरदगा में दो महिलाओं की मौत, कई लोग घायल
सबसे ज्यादा प्रभावित लोहरदगा जिला रहा, जहां अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं की जान चली गई। मृतकों की पहचान कुरू थाना क्षेत्र के सलगी गांव निवासी 48 वर्षीय घुरती उरांव और बगरू थाना क्षेत्र के चरहू गांव की 40 वर्षीय आसीदा खातून के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक घुरती उरांव अपने पति और बेटे के साथ खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। हादसे में उनके पति और बेटा भी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं चरहू गांव में आसीदा खातून बकरियां चरा रही थीं, तभी उन पर बिजली गिर गई। घटना इतनी भयावह थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बारिश से बचने के लिए मकान में रुके लोग भी चपेट में आए
लोहरदगा के तिसिया नयाटोली इलाके में भी आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया। बारिश के दौरान एक मकान में शरण लेने पहुंचे लोगों पर बिजली गिर गई, जिससे तीन महिलाओं समेत चार लोग झुलस गए। सभी घायलों का इलाज लोहरदगा सदर अस्पताल में जारी है।
लातेहार में किशोरी की गई जान
लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित पिंडराकोम गांव में 14 वर्षीय एक किशोरी की बिजली गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह बारिश के दौरान बाहर थी, तभी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई।
कोडरमा में पेड़ के नीचे खड़ी महिला की मौत
कोडरमा जिले के फुलवरिया गांव में भी आकाशीय बिजली ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। 26 वर्षीय सोनी कुमारी बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़ी थीं, तभी उन पर बिजली गिर गई। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौसम विभाग का अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने झारखंड के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित भवनों में शरण लेना और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।



