मध्य प्रदेशराज्य

राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़! सोनम की जमानत रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट जाएगा परिवार

इंदौर: चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया कानूनी मोड़ सामने आया है। मेघालय हाईकोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखे जाने के बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। परिवार का कहना है कि वह सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए जल्द ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा।

राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने मंगलवार को कहा कि परिवार हाईकोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं है और न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए अब सुप्रीम कोर्ट में कानूनी कदम उठाएगा।

अभियोजन की पैरवी पर उठाए सवाल

विपिन रघुवंशी ने कहा कि उन्हें इस मामले में अभियोजन पक्ष की पैरवी से संतोष नहीं है। उनका आरोप है कि मामले को जिस मजबूती से अदालत में रखा जाना चाहिए था, वैसा नहीं किया गया। इसी वजह से अब परिवार स्वयं निजी वकील नियुक्त कर कानूनी लड़ाई लड़ेगा।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि गिरफ्तारी के समय मेघालय पुलिस ने सोनम को गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी क्यों नहीं दी। परिवार का मानना है कि इसी प्रक्रिया संबंधी चूक का लाभ सोनम को जमानत मिलने में मिला।

हाईकोर्ट ने क्यों बरकरार रखी जमानत?

दरअसल, मेघालय हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया। अदालत के अनुसार सोनम को प्रभावी तरीके से गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी नहीं दी गई थी।

अदालत ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का उल्लंघन माना और इसी आधार पर जमानत को बरकरार रखा।

क्या है राजा रघुवंशी हत्याकांड?

राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी। विवाह के कुछ दिनों बाद दोनों 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय गए थे।

23 मई को सोनम के लापता होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद 2 जून को राजा रघुवंशी का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में एक झरने के पास गहरी खाई से बरामद किया गया था। इस घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।

हत्या की साजिश के आरोप में हुई थीं गिरफ्तारियां

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उसके तीन अन्य साथियों को हत्या और हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

सोनम करीब 10 महीने तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुई है। अब परिवार के सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी लड़ाई का अगला चरण शुरू होने की संभावना है।

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