बिहारराज्य

अयोध्या चढ़ावा विवाद का असर! बिहार के 4500 मंदिरों पर सख्ती, अब हर 3 महीने होगी खातों की जांच

पटना: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा विवाद के बाद बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने मंदिरों और मठों की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। परिषद ने अपने अधीन संचालित करीब साढ़े चार हजार मंदिरों और मठों के खातों की अब हर तीन महीने में समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य दान की राशि के उपयोग पर नियमित निगरानी रखना और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर रणवीर नंदन ने बताया कि अब तक परिषद के अधीन आने वाले सभी मंदिरों और मठों का साल में एक बार ऑडिट कराया जाता था। इस प्रक्रिया में दान के रूप में प्राप्त राशि और उसके उपयोग का पूरा लेखा-जोखा तैयार किया जाता था तथा सभी वित्तीय रिकॉर्ड लिखित रूप में सुरक्षित रखे जाते थे।

अब हर तीन महीने होगी वित्तीय समीक्षा

परिषद ने निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए तिमाही समीक्षा प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत सभी मंदिरों और मठों को हर तीन महीने में अपने वित्तीय खातों का विवरण परिषद को उपलब्ध कराना होगा।

परिषद का मानना है कि वार्षिक ऑडिट के बजाय नियमित समीक्षा से किसी भी संभावित वित्तीय अनियमितता का समय रहते पता लगाया जा सकेगा। साथ ही दान की राशि के उपयोग में पारदर्शिता बनी रहेगी और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होगा।

हर मंदिर की अपनी होती है न्यास समिति

प्रोफेसर रणवीर नंदन ने बताया कि परिषद के अधीन आने वाले प्रत्येक मंदिर और मठ की अपनी अलग न्यास समिति होती है। यही समिति स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार दान की राशि के उपयोग का निर्णय लेती है।

उन्होंने कहा कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद की भूमिका प्रशासनिक निगरानी की है। परिषद निर्माण कार्यों और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने सहित विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निगरानी करती है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर रहेगा फोकस

परिषद का कहना है कि नियमित वित्तीय समीक्षा से मंदिरों और मठों में प्राप्त दान की राशि के उपयोग पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। इस कदम को धार्मिक संस्थानों में जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

क्या है अयोध्या चढ़ावा विवाद?

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा मामले की जांच फिलहाल विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड और ऑडिट दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

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