मध्य प्रदेशराज्य

MP Shocker: बच्चों के हक की मांग पड़ी भारी! महिला के बाल काटे, कपड़े फाड़े, जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया, 11 पर केस

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। झारड़ा तहसील के हरनिया खेड़ा गांव में एक महिला के साथ कथित तौर पर सिर्फ इसलिए अमानवीय व्यवहार किया गया क्योंकि वह अपने बच्चों के अधिकार और पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने पूर्व ससुराल पहुंची थी। आरोप है कि पूर्व पति, ससुर और अन्य लोगों ने महिला के बाल काट दिए, उसके कपड़े फाड़ दिए और जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी।

वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस

बताया जा रहा है कि यह घटना तीन दिन पहले हुई थी, लेकिन गुरुवार को इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आया। वायरल वीडियो में महिला के सिर के बाल कटे हुए दिखाई दे रहे हैं। उसके गले में जूतों की माला डाली गई है और उसके कपड़े फटे हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में उसका दूसरा पति भी साथ दिखाई देता है, जो लोगों से हाथ जोड़कर दया की गुहार लगाता नजर आता है, लेकिन वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने उनकी मदद नहीं की। कई लोग पूरी घटना का वीडियो बनाते रहे।

पैतृक संपत्ति में हिस्से की मांग के बाद बढ़ा विवाद

जानकारी के मुताबिक, करीब तीन साल पहले महिला ने अपने पहले पति का घर छोड़ दिया था और बाद में दूसरे युवक से विवाह कर लिया। वह अपने दो बच्चों के साथ अलग रह रही थी। कुछ दिन पहले वह बच्चों के अधिकार और पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने अपने पूर्व ससुराल पहुंची थी।

आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर पूर्व पति, ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर महिला और उसके दूसरे पति को पकड़ लिया। इसके बाद महिला के बाल काट दिए गए, उसके कपड़े फाड़ दिए गए और कथित रूप से उसकी लज्जा भंग की गई। इतना ही नहीं, दोनों के गले में जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में जुलूस निकाला गया।

डायल-112 ने पहुंचकर महिला को बचाया

घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित वहां से बाहर निकाला। इसके बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

11 नामजद आरोपियों पर एफआईआर, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि पीड़ित महिला पिछले तीन से चार वर्षों से अपने दो बच्चों के साथ अलग रह रही थी। वह बच्चों के अधिकार और पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने गांव पहुंची थी। इसी दौरान उसके पूर्व पति, ससुर और अन्य लोगों ने उसके साथ यह घटना की।

उन्होंने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर पूर्व पति, ससुर समेत 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

वीडियो बनाने और वायरल करने वाला भी गिरफ्तार

पुलिस ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। साथ ही वायरल वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है, ताकि घटना में शामिल किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

पीड़िता को मिलेगी कानूनी मदद

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही पैतृक संपत्ति में उसके अधिकार सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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