कांग्रेस में फिर बढ़ी अंदरूनी कलह! वरिष्ठ नेता राकेश यादव ने सभी पदों से दिया इस्तीफा, जीतू पटवारी पर लगाए गंभीर आरोप

इंदौर: मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर संगठनात्मक असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के पूर्व प्रदेश उपमहासचिव राकेश यादव ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा देकर प्रदेश नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस्तीफे के साथ उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन के कामकाज को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
राकेश यादव का कहना है कि पार्टी में नियमों का समान रूप से पालन नहीं किया जा रहा है। उनके मुताबिक हाल ही में कांग्रेस प्रवक्ताओं को टीवी समाचार बहसों में शामिल नहीं होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कुछ प्रवक्ता इन निर्देशों के बावजूद बहसों में शामिल हुए। इसके बावजूद कार्रवाई केवल उनके खिलाफ की गई और उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया।
‘संगठन में एक जैसे नियम लागू नहीं हो रहे’
यादव ने आरोप लगाया कि संगठन के भीतर अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इसी असमानता और पक्षपातपूर्ण रवैये से नाराज होकर उन्होंने सभी पदों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन में कई नियुक्तियां योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि कुछ नेताओं के प्रभाव और संरक्षण के आधार पर की गई हैं। यादव के मुताबिक इससे कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश गया है और संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए हैं।
राहुल गांधी को कई बार पत्र लिखने का दावा
राकेश यादव ने दावा किया कि उन्होंने संगठन से जुड़े मुद्दों और अपनी शिकायतों को लेकर कई बार राहुल गांधी को पत्र लिखे, लेकिन उन्हें किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ताओं और नेताओं की बात शीर्ष नेतृत्व तक नहीं पहुंचती, तो संगठन में विश्वास कमजोर पड़ने लगता है।
प्रदेश प्रभारी पर भी लगाए आरोप
इस्तीफा देने के बाद यादव ने प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि संगठन में कुछ फैसले विशेष लोगों को बचाने और उन्हें संरक्षण देने की मंशा से लिए गए। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ा है।
कांग्रेस के लिए बढ़ सकती है मुश्किल
राकेश यादव का इस्तीफा ऐसे समय सामने आया है जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठन को मजबूत करने की कवायद में जुटी हुई है। ऐसे में एक वरिष्ठ नेता का सार्वजनिक रूप से नेतृत्व पर सवाल उठाना पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी और गुटबाजी की चर्चाओं को फिर हवा दे सकता है। हालांकि, राकेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



