राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का बड़ा हमला, रागिनी नायक ने PM मोदी से मांगा जवाब; सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच की उठाई मांग

नई दिल्ली: राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदे और फंड में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण में जवाबदेही तय होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
रागिनी नायक ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि केवल चिंता जताने या निंदा करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि फंड और चंदे में कथित गड़बड़ियों को लेकर जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर खुलकर बोलना नहीं चाहिए और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं करनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जांच एजेंसी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आ सके। रागिनी नायक का आरोप है कि जवाबदेही तय करने के बजाय विभिन्न स्तरों पर बचाव की कोशिशें की जा रही हैं।
विनय कटियार का बड़ा दावा, जेल जा सकते हैं कई लोग
इस बीच भाजपा नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने भी राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, प्रशासक गोपाल राव और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और आने वाले दिनों में उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।
कटियार ने कहा कि उनके अनुसार फंड के दुरुपयोग के संकेत स्पष्ट हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विषय पर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा हुई थी। उनके मुताबिक उन्होंने प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया था कि जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
राम जन्मभूमि आंदोलन का भी किया जिक्र
विनय कटियार ने बातचीत के दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन के दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मंदिर आंदोलन के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया था। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता की भी सराहना की।
SIT जांच का दायरा बढ़ा, मंदिर परिसर पहुंची टीम
राम मंदिर के लिए मिले दान और फंड में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। जांच के दूसरे दिन टीम मंदिर परिसर पहुंची और संबंधित पहलुओं की जांच की।
राज्य सरकार ने हाल ही में SIT को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है ताकि कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा सके।



