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अभिजीत दीपके को NDA के दल में शामिल होने का ऑफर, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दिया न्योता

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार में शामिल एक दल ने अपने साथ आने का न्योता दिया है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास आठवले ने दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, दीपके की ओर से इस प्रस्ताव पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। खास बात यह है कि दीपके लगातार तत्काल राजनीति में उतरने से इनकार करते रहे हैं। उनकी कॉकरोच जनता पार्टी ने जून-जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था।

रामदास आठवले ने क्या कहा

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सोमवार को कहा कि डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर के सपने को पूरा करने के साथ समाज और पार्टी को मजबूत करने के लिए अभिजीत दीपके को रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) में शामिल होना चाहिए। उन्होंने दीपके से अपनी पार्टी के साथ जुड़ने का आग्रह किया।

हालांकि, दीपके ने अभी इस प्रस्ताव को लेकर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। वह इससे पहले भी राजनीति में तत्काल प्रवेश से दूरी बनाए रखने की बात कह चुके हैं।

राजनीति में आने पर दीपके का क्या है रुख

रायटर्स से बातचीत में अभिजीत दीपके ने तत्काल राजनीति में आने से इनकार किया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर बड़ी संख्या में लोग राजनीति में आने की मांग करते हैं, तो वह इस पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने आगे चलकर जनता की मांग होने पर चुनाव लड़ने की संभावना से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया।

दीपके ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि भारत में राजनीतिक पार्टी बनाना किसी समस्या का समाधान है। उनका फिलहाल जोर सामाजिक और जमीनी स्तर पर काम करने पर है।

क्या राजनीतिक दल बनेगी CJP?

अगस्त के पहले सप्ताह में कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन किया था। उस समय संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया था कि फिलहाल सीजेपी को औपचारिक राजनीतिक दल में नहीं बदला जाएगा और संगठन जमीनी स्तर पर काम जारी रखेगा।

सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा था कि लोग चाहते हैं कि संगठन राजनीतिक दल बने, लेकिन मौजूदा समय में एक और राजनीतिक दल बनाना उपयोगी नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक दल बनाने के बजाय संगठन अपनी ऊर्जा जमीनी स्तर पर काम करने में लगाएगा, क्योंकि जागरूकता की शुरुआत वहीं से होती है।

सरकारी स्कूलों की बदहाली के खिलाफ अभियान

राजनीति से दूरी की बात कर रहे अभिजीत दीपके ने शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।

दीपके ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के साथ निजी स्कूलों की फीस सीमित करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि सीजेपी सरकारी अस्पतालों में खराब स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे पर भी इसी तरह अभियान चलाएगी।

स्कूलों की सुविधाओं का जुटाया जाएगा आंकड़ा

दीपके ने संवाददाताओं से कहा कि देश को आजाद हुए 80 साल हो चुके हैं, लेकिन अगर सरकारी स्कूलों में पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं है तो विकास को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने अपने पैतृक गांव के स्कूल की कथित बदहाली का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, स्कूल की खिड़कियां टूटी हुई हैं और विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बेंच उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि एक सूची तैयार की गई है, जिसमें स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इसके तहत महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों के सरकारी स्कूलों से आंकड़े जुटाकर उनका संकलन किया जाएगा।

अभियान के अगले चरण में दीपके महाराष्ट्र के दूसरे तालुकों के सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेंगे। संगठन की ओर से राजस्थान के सरकारी स्कूलों का दौरा करने की भी घोषणा की गई है।

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