
बक्सर: मानसून की धीमी रफ्तार से परेशान बक्सर के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विज्ञान विभाग केंद्र, पटना के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार जिले में 7, 8 और 9 जुलाई को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। यदि पूर्वानुमान के मुताबिक वर्षा होती है तो धान की रोपाई समेत खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा और खेतों में नमी की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
64.47 प्रतिशत कम हुई बारिश, खेती पर पड़ा असर
जिला कृषि कार्यालय की वर्षापात रिपोर्ट के अनुसार 6 जुलाई तक बक्सर में 209.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 277.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह जिले में अब तक 64.47 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जिसका असर खेती-किसानी पर साफ दिखाई दे रहा है।
इन प्रखंडों में सबसे ज्यादा हुई बारिश
अब तक जिले में सबसे अधिक वर्षा केसठ प्रखंड में 55.0 मिलीमीटर दर्ज की गई है। इसके बाद नवानगर में 38.8 मिलीमीटर और चौगाईं में 31.0 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं चौसा में केवल 1.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि डुमरांव में अब तक बारिश नहीं हुई है। सोमवार को भी जिले में बादल छाए रहे और मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया।
हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अपने तीन दिवसीय पूर्वानुमान में बक्सर जिले को हल्की से मध्यम स्तर की व्यापक वर्षा वाले क्षेत्र में शामिल किया है। इससे खेतों में नमी बढ़ने, धान की रोपाई में तेजी आने और अन्य खरीफ फसलों की बुआई को भी गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।
किसानों को मौसम पर नजर रखने की सलाह
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख विज्ञानी डॉ. देवकरण ने किसानों से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अच्छी बारिश होने पर खेतों की तैयारी और धान की रोपाई में तेजी लाएं। साथ ही जल निकासी की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करें, ताकि अधिक वर्षा होने की स्थिति में फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।



