उत्तर प्रदेश

‘यूपी राइज 2026’ में युवाओं का बड़ा संकल्प, यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स बनेंगे कैंपस ब्रांड एम्बेसडर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं अब केवल शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि प्रदेश के विकास मॉडल और सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। इसी उद्देश्य के साथ आयोजित ‘यूपी राइज 2026: संवाद, संकल्प, सफलता’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और ‘कैंपस ब्रांड एम्बेसडर’ के रूप में काम करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और टाइम्स नाऊ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम में युवाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित कौशल विकास, स्वरोजगार, स्टार्टअप और नवाचार आधारित नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब युवाओं के लिए अवसरों का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।

युवाओं ने बताया कैसे बदला उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल

राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल पर अपने विचार साझा किए। उनका कहना था कि वर्ष 2017 के बाद कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना, निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं।

युवाओं का मानना था कि पहले जहां रोजगार के लिए बड़ी संख्या में लोगों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब निवेश, उद्योग और स्टार्टअप के बढ़ते अवसर युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर भविष्य बनाने का मौका दे रहे हैं। कार्यक्रम में अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी उत्तर प्रदेश के बदले हुए माहौल की सराहना की।

सोशल मीडिया को बताया जनजागरूकता का सबसे प्रभावी माध्यम

कार्यक्रम में डिजिटल युग में सूचना की शक्ति और सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा हुई। छात्रों ने कहा कि आने वाले समय में सोशल मीडिया समाज तक सही जानकारी पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं, सकारात्मक बदलावों और सरकारी पहलों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की बात कही।

कैंपस ब्रांड एम्बेसडर बनने वाले युवाओं ने प्रदेश में हुए विकास कार्यों और नई योजनाओं की जानकारी अन्य छात्रों तक पहुंचाने का भी संकल्प लिया। इस दौरान सामाजिक विषयों पर संवाद और रेडियो जैसे पारंपरिक माध्यमों की उपयोगिता पर भी विचार साझा किए गए।

प्रेरक सत्र में युवाओं ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम के प्रेरक सत्र में शारदा यूनिवर्सिटी की एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा सोनाली राजन ने अपने जीवन संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उन्हें किडनी दान कर नया जीवन दिया। इस कठिन दौर के बाद उन्होंने जीवन में बड़ा लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का कार्य भी कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश में हुए प्रयासों की सराहना की।

प्रयागराज की साक्षी ने चुना सोशल मीडिया का रास्ता

प्रयागराज की साक्षी ठाकुर ने बताया कि परिवार उन्हें मेडिकल क्षेत्र में देखना चाहता था, लेकिन उन्होंने नीट पास करने के बाद सोशल मीडिया को अपना करियर बनाया। वर्तमान में वह सोशल मीडिया मैनेजर के रूप में कार्य करते हुए सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़ी जानकारियां लोगों तक पहुंचा रही हैं। भविष्य में अपना उद्यम स्थापित करना उनका लक्ष्य है।

स्कॉलरशिप और योजनाओं से मिला आगे बढ़ने का अवसर

लखनऊ विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्र और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर कृष्णा मिश्रा ने कहा कि उन्हें योगी सरकार की स्कॉलरशिप योजना का लाभ मिला, जिससे उनकी पढ़ाई और करियर को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र छात्र तक ऐसी योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक युवा आगे बढ़ सकें।

युवा क्रिएटर्स को मिला सीखने और आगे बढ़ने का मंच

डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा की छात्रा और कानपुर निवासी शिवांगी श्रीवास्तव ने कहा कि यह कार्यक्रम युवा कंटेंट क्रिएटर्स के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ। उन्हें प्रदेशभर के छात्रों और डिजिटल क्रिएटर्स से संवाद का अवसर मिला तथा कंटेंट क्रिएशन के भविष्य और नए अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

मेरठ की छात्रा वैष्णवी तिवारी ने कहा कि ‘यूपी राइज 2026’ युवाओं को सरकारी योजनाओं, नए अवसरों और विकास परियोजनाओं से जोड़ने वाला प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि कैंपस एम्बेसडर के रूप में वह अन्य विद्यार्थियों को भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करेंगी।

महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार पर भी रहा विशेष फोकस

कार्यक्रम में मिशन शक्ति, ड्रोन दीदी, लखपति दीदी और महिला स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। छात्रों और युवा कंटेंट क्रिएटर्स ने कहा कि इन योजनाओं ने विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रतिभागियों ने कहा कि महिला सुरक्षा, शिक्षा, निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और रोजगार के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है और युवाओं के सामने पहले की तुलना में कहीं अधिक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी का संकल्प भी दोहराया।

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