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योगिनी एकादशी 2026: इन 5 स्थानों पर जरूर जलाएं दीपक, मान्यता है कि भगवान विष्णु की कृपा से घर में आएगी सुख-समृद्धि

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में योगिनी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। वर्ष 2026 में योगिनी एकादशी 10 जुलाई को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में भी इस दिन घर की कुछ विशेष जगहों पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है।

तुलसी के पौधे के पास जलाएं दीपक

धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। योगिनी एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के समीप घी का दीपक जलाने से घर में सुख, सौभाग्य और समृद्धि का वास होता है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ता है।

मुख्य द्वार पर करें दीप प्रज्वलित

घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है और नकारात्मक प्रभाव दूर रहते हैं। इसे घर में मंगल और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है।

पूजा घर में जलाएं घी का दीपक

योगिनी एकादशी के दिन पूजा घर या मंदिर में घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आराधना करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इससे देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।

पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाने की मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से शनि दोष और पितृ दोष जैसी बाधाओं से राहत मिलने तथा रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।

रसोई घर में दीपक जलाना भी शुभ

वास्तु मान्यताओं के अनुसार रसोई घर में दीपक जलाना माता अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त करने का एक विशेष उपाय माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती तथा परिवार में समृद्धि बनी रहती है।

दीपक जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान

योगिनी एकादशी पर दीपक जलाते समय शुद्ध गाय के घी या सरसों के तेल का उपयोग करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान मन को शांत रखते हुए भगवान विष्णु का ध्यान करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और विवाद, क्रोध या कलह से दूर रहना चाहिए।

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