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MP में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत! नए टैरिफ से खत्म होगी कंपनियों की मनमानी, मीटर रीडिंग में देरी का नहीं पड़ेगा असर

भोपाल: मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार और विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नए रिटेल सप्लाई टैरिफ को मंजूरी दे दी है। नए टैरिफ में ‘प्रो-राटा बिलिंग’ व्यवस्था को अनिवार्य बनाया गया है। इस फैसले के बाद अब मीटर रीडिंग में देरी होने पर बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाल सकेंगी।

अब तक कई मामलों में बिजली कंपनियां 30 दिन की बजाय 35 या 40 दिन बाद मीटर रीडिंग करती थीं। इससे उपभोक्ताओं की बिजली खपत अधिक यूनिट में दर्ज होती थी और वे महंगे टैरिफ स्लैब में पहुंच जाते थे। नए नियम के लागू होने के बाद इस व्यवस्था पर रोक लग जाएगी।

रीडिंग में देरी हुई तो उसी अनुपात में बढ़ेगा स्लैब

नए टैरिफ के अनुसार यदि मीटर रीडिंग 30 दिन के बजाय अधिक दिनों बाद ली जाती है तो बिजली बिल का स्लैब भी उसी अनुपात में बढ़ाया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि मीटर रीडिंग 36 दिन बाद होती है तो बिलिंग स्लैब भी 36 दिनों के हिसाब से तय किया जाएगा।

इस व्यवस्था से अतिरिक्त यूनिट के कारण उपभोक्ताओं को महंगे स्लैब में जाने का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। यानी मीटर रीडिंग में देरी होने पर भी बिजली बिल अनावश्यक रूप से नहीं बढ़ेगा।

कम खपत वाले उपभोक्ताओं को फिक्स्ड चार्ज से राहत

नए रिटेल सप्लाई टैरिफ में एलवी-1.1 श्रेणी के उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है, जिनका स्वीकृत लोड 100 वाट तक है और मासिक बिजली खपत 30 यूनिट से कम रहती है। ऐसे उपभोक्ताओं से अब कोई फिक्स्ड चार्ज नहीं लिया जाएगा। इस फैसले से कम बिजली उपयोग करने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

अस्थायी बिजली कनेक्शन की नई दरें भी तय

नए टैरिफ में अस्थायी बिजली कनेक्शनों की दरें भी स्पष्ट कर दी गई हैं। सामान्य अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने पर अब घरेलू श्रेणी की तुलना में 1.25 गुना अधिक ऊर्जा शुल्क देना होगा।

वहीं शादी, सामाजिक कार्यक्रम या धार्मिक आयोजनों के लिए लिए जाने वाले अस्थायी बिजली कनेक्शन पर 8.94 रुपये प्रति यूनिट की दर से ऊर्जा शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा संबंधित फिक्स्ड चार्ज भी अलग से देय होगा।

उपभोक्ताओं को मिलेगा पारदर्शी बिलिंग सिस्टम का लाभ

नए टैरिफ का उद्देश्य बिजली बिलिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाना है। प्रो-राटा बिलिंग लागू होने से मीटर रीडिंग में देरी का सीधा नुकसान उपभोक्ताओं को नहीं उठाना पड़ेगा और बिजली कंपनियों की मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण रहेगा।

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