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खामनेई को इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक, अंतिम यात्रा में लगे अमेरिका-इजरायल विरोधी नारे; पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव

तेहरान: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई का अंतिम संस्कार उनके गृह नगर मशहद में कर दिया गया। उन्हें इमाम रजा दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके साथ ही छह दिनों तक चले राजकीय शोक और अंतिम संस्कार कार्यक्रम का समापन हो गया। इस दौरान ईरान और इराक के विभिन्न शहरों से लाखों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। अंतिम यात्रा के दौरान अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारे भी लगाए गए।

101 वर्षीय धर्मगुरु ने पढ़ाई नमाज-ए-जनाजा

अंतिम संस्कार से पहले खामनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान, कोम और अन्य प्रमुख शहरों में श्रद्धांजलि के लिए रखा गया था। अंतिम दिन उनका ताबूत मशहद पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में समर्थकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, जनाजे की रस्म 101 वर्षीय धर्मगुरु अयातुल्ला हुसैन नूरी हमदानी ने नमाज-ए-जनाजा पढ़ाकर पूरी कराई। वर्ष 1925 में जन्मे हुसैन नूरी हमदानी को ईरान के सबसे कट्टरपंथी धर्मगुरुओं में गिना जाता है।

मोजतबा खामनेई की गैरमौजूदगी से उत्तराधिकार पर बढ़ी चर्चा

अंतिम संस्कार के दौरान खामनेई के बेटे और संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, सुरक्षा कारणों और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों के चलते उन्होंने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने केवल एक लिखित संदेश जारी कर लोगों का आभार व्यक्त किया।

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए संयुक्त हमले में अयातुल्ला अली खामनेई समेत उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई थी।

ईरान के परमाणु संयंत्र के पास अमेरिकी हवाई हमले

इस बीच अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान पर नए हवाई हमले किए। ईरान ने आरोप लगाया कि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास भी हमला किया गया, हालांकि संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने दो दिनों के भीतर ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें 14 लोगों की मौत हुई।

ट्रंप के बयान के बाद और तेज हुए हमले

ताजा हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद हुए, जिसमें उन्होंने ईरान पर जारी सैन्य कार्रवाई को युद्धविराम समाप्त होने का संकेत बताया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि हमले नहीं रुके तो संघर्ष और अधिक बढ़ सकता है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित तटीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। कमांड ने कुछ वीडियो भी जारी किए, जिनमें हवाईअड्डों के रनवे और मिसाइल लॉन्चरों पर हमले दिखाई गए। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य होर्मुज क्षेत्र में ईरान की सैन्य क्षमता को और कमजोर करना है।

कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन तक पहुंचा तनाव

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कतर, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कुवैत के पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर के अर्ली वॉर्निंग सैटेलाइट एंटीना और बहरीन में अमेरिकी सेना के फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया।

बहरीन, जहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है, वहां तीन बार हवाई हमले के सायरन बजे। इसके अलावा कुवैत और कतर की ओर भी मिसाइलें दागी गईं। गुरुवार दोपहर जॉर्डन के अजराक सैन्य अड्डे पर भी 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जहां अमेरिका ने अपने सैनिकों और लड़ाकू विमानों की तैनाती कर रखी है।

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