ट्रंप की हत्या की नई साजिश का दावा! इजरायल के खुफिया अलर्ट से मची सनसनी, अमेरिका में बढ़ी चौकसी

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई खुफिया रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इजरायल ने अमेरिका को ऐसी खुफिया जानकारी दी है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की नई साजिश तैयार की है। यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव एक बार फिर तेज हो गया है।
इजरायल ने अमेरिका को दी खुफिया चेतावनी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इजरायली खुफिया एजेंसियों ने इस सप्ताह अमेरिकी अधिकारियों को चेताया है कि ईरान डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की एक विशेष योजना पर काम कर रहा है। हालांकि अमेरिकी एजेंसियां अब तक इस खुफिया इनपुट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी हैं और इसकी जांच जारी है।
सुलेमानी की मौत के बाद से बदले की बात करता रहा है ईरान
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ईरान लगातार ट्रंप के खिलाफ बदले की बात करता रहा है। हाल ही में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के जनाजे के दौरान भी ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए जाने की बात सामने आई थी।
ट्रंप बोले- ईरान की ‘हिट लिस्ट’ में सबसे ऊपर मेरा नाम
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया कि उनका नाम ईरान की कथित “हिट लिस्ट” में सबसे ऊपर है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के नेता को खत्म करना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऐसी सूचियों में अपना नाम देखा है और अब तक वह भाग्यशाली रहे हैं, लेकिन यह स्थिति हमेशा ऐसी बनी रहे, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
अमेरिकी एजेंसियां कर रही हैं खुफिया जानकारी की जांच
कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इजरायल की ओर से साझा की गई यह जानकारी ट्रंप पर ईरान के खिलाफ और सख्त रुख अपनाने का दबाव बनाने की कोशिश भी हो सकती है। अमेरिकी खुफिया समुदाय के अधिकारियों का कहना है कि इजरायल से मिले इनपुट का अभी तक पूरी तरह सत्यापन नहीं हो पाया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
तनाव के बीच बातचीत पर भी बना संशय
अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बाद तनाव लगातार बढ़ा है। युद्धविराम जैसी व्यवस्था भी लगभग समाप्त हो चुकी है। राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि ईरान के साथ बातचीत खत्म हो गई है और वह आगे कोई वार्ता नहीं करना चाहते। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पर्दे के पीछे परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है और अगस्त के मध्य तक किसी संभावित समझौते की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।



