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Neuron 2.0 लॉन्च: पंजाब में बनेगी साइबर सिक्योरिटी लैब, स्टार्टअप्स को मिलेगा निवेश और नई तकनीक का बड़ा मंच

एसएएस नगर (मोहाली): पंजाब सरकार ने राज्य को स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने ‘पंजाब इन्वेस्टर सर्किल’ और ‘स्टार्टअप पंजाब हब – न्यूरॉन 2.0’ का शुभारंभ किया। सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य राज्य के स्टार्टअप्स को निवेश, मार्गदर्शन, अत्याधुनिक तकनीक और कौशल विकास से जोड़ना है।

कार्यक्रम के दौरान एसएएस नगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी में विभिन्न क्षेत्रों के 14 चयनित स्टार्टअप्स ने निवेशकों के सामने अपने व्यावसायिक मॉडल और भविष्य की योजनाएं प्रस्तुत कीं। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, कृषि प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और उन्नत तकनीक से जुड़े स्टार्टअप शामिल रहे। निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और मार्गदर्शकों ने फंडिंग और रणनीतिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

स्टार्टअप्स को मिल चुकी है 6.8 करोड़ रुपये से अधिक की सीड फंडिंग

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब में 2,500 से अधिक डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि ‘स्टार्टअप पंजाब’ कार्यक्रम के तहत अब तक 222 से अधिक स्टार्टअप्स को 6.8 करोड़ रुपये से अधिक की सीड फंडिंग प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के लगभग 50 प्रतिशत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक शामिल हैं, जो महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलने का संकेत है।

न्यूरॉन 2.0 में साइबर सिक्योरिटी लैब और आधुनिक कौशल विकास सुविधा

अमन अरोड़ा ने कहा कि ‘न्यूरॉन 2.0’ पहले के कार्यक्रम का उन्नत संस्करण है। उनके अनुसार, पहले चरण में 114 प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन सुविधा मिली, 67 पेटेंट और बौद्धिक संपदा से जुड़े आवेदन दाखिल किए गए तथा करीब 2,700 युवाओं को रोजगार मिला। इन स्टार्टअप्स का संयुक्त मूल्यांकन 890 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

उन्होंने बताया कि नए चरण के तहत पंजाब में समर्पित साइबर सिक्योरिटी लैब और अत्याधुनिक कौशल विकास अवसंरचना तैयार की जाएगी, जिससे युवाओं को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके।

निवेश और नवाचार को मिलेगा नया प्रोत्साहन

उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्टार्टअप्स को बेहतर नीतियां, इन्क्यूबेशन, निवेश और कौशल विकास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, ‘पंजाब इन्वेस्टर सर्किल’ निवेशकों और नवाचार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा, जबकि ‘न्यूरॉन 2.0’ उन्नत तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सरकार का मानना है कि इस पहल से युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पंजाब निवेश तथा नवाचार के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

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