पंजाबराज्य

पंजाब में बागवानी को मिलेगा ₹1300 करोड़ का बूस्ट, 5.21 लाख हेक्टेयर पहुंचा रकबा; आधुनिक तकनीक पर रहेगा जोर

चंडीगढ़: पंजाब सरकार राज्य में बागवानी क्षेत्र को नई गति देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के सहयोग से 1,300 करोड़ रुपये की नई परियोजना शुरू करेगी। इसकी जानकारी बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।

मंत्री ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के अनुरूप उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इसके तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाली पौध सामग्री, उन्नत सिंचाई व्यवस्था और बागवानी से जुड़ा बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।

आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय

सरकार के अनुसार, नई परियोजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक और स्मार्ट खेती की तकनीकों से जोड़ा जाएगा। साथ ही गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, बेहतर सिंचाई सुविधाएं और फसलों के रखरखाव के लिए आवश्यक अवसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे बागवानी क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सके।

कृषि अवसंरचना निधि में पंजाब का बेहतर प्रदर्शन

प्रेस वार्ता के दौरान मोहिंदर भगत ने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक कृषि अवसंरचना निधि योजना के तहत पंजाब ने देश में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। राज्य में 28,195 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है, जिनके लिए विभिन्न बैंकों के माध्यम से करीब 6,729 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के मामले में पंजाब देश में अग्रणी राज्य बना है।

5.21 लाख हेक्टेयर पहुंचा बागवानी का रकबा

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का प्रभाव अब दिखाई देने लगा है। उनके अनुसार, पंजाब में बागवानी का रकबा बढ़कर 5.21 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई युवा रोजगार के लिए विदेश जाने के बजाय बागवानी को स्वरोजगार के रूप में अपना रहे हैं।

पारंपरिक फसल चक्र पर निर्भरता कम करने की तैयारी

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से गेहूं-धान आधारित पारंपरिक फसल चक्र पर निर्भरता कम होगी। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और भूजल स्तर में सुधार की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button