क्या वीगन डाइट सच में घटाती है बैड कोलेस्ट्रॉल? जानिए दिल की सेहत पर कितना असर डालती है यह खानपान शैली

नई दिल्ली: भारत समेत दुनिया के कई देशों में वीगन डाइट तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस खानपान पद्धति को दिल की सेहत, टाइप-2 डायबिटीज और कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने से जोड़कर देखा जाता है। कई लोग स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ पशु संरक्षण और पर्यावरणीय कारणों से भी वीगन जीवनशैली अपनाते हैं। हालांकि, अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या वीगन डाइट वास्तव में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करती है या नहीं।
क्या होती है वीगन डाइट?
वीगन डाइट सामान्य शाकाहारी भोजन से अलग होती है। इसमें केवल मांस, मछली और अंडे ही नहीं, बल्कि दूध, दही, पनीर, मक्खन, चीज, क्रीम और शहद जैसे सभी पशु-आधारित उत्पादों का सेवन भी नहीं किया जाता। इस डाइट में मुख्य रूप से साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दालें, मेवे, बीज और अन्य पौधों से प्राप्त खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं।
कई शोधों में पाया गया है कि संतुलित वीगन डाइट अपनाने वाले लोगों में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर अन्य खानपान अपनाने वालों की तुलना में कम हो सकता है।
गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल में क्या अंतर है?
कोलेस्ट्रॉल लिपिड और प्रोटीन से मिलकर बनने वाला पदार्थ है, जिसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है। हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन को अच्छा कोलेस्ट्रॉल माना जाता है क्योंकि यह शरीर से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल हटाने में मदद करता है।
वहीं, लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन को खराब कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। यह धमनियों की दीवारों पर जमा होकर रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकता है और समय के साथ हृदय रोगों का खतरा बढ़ा सकता है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
दुनिया भर में किए गए 50 से अधिक अध्ययनों में पाया गया कि मांसाहारी भोजन करने वालों की तुलना में वीगन और शाकाहारी लोगों में कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर अपेक्षाकृत कम देखा गया।
कुछ शोधों के अनुसार, वीगन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स भी अपेक्षाकृत कम होता है। साथ ही उनमें ट्राइग्लिसराइड, रक्तचाप और रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहने की संभावना अधिक देखी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वीगन डाइट में मांस, मक्खन, डेयरी उत्पाद और अधिक संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ शामिल नहीं होते, जिससे खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का जोखिम कम हो सकता है।
फाइबर से भरपूर भोजन देता है फायदा
साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दालें और बीज जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मददगार माने जाते हैं। यदि वीगन डाइट को संतुलित तरीके से अपनाया जाए तो यह हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि केवल वीगन होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
हर वीगन खाद्य पदार्थ स्वास्थ्यवर्धक नहीं होता
कई पैकेज्ड वीगन उत्पाद अत्यधिक प्रोसेस्ड होते हैं। इनमें चीनी, सोडियम, ट्रांस फैट और कृत्रिम सामग्री की मात्रा अधिक हो सकती है। ऐसे खाद्य पदार्थ कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
इसलिए केवल वीगन लेबल देखकर किसी भी उत्पाद को स्वास्थ्यवर्धक मान लेना सही नहीं माना जाता।
अगर वीगन हैं तो ऐसे रखें कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप वीगन डाइट अपनाते हैं और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो प्रोसेस्ड स्नैक्स, रेडी-टू-ईट भोजन, चिप्स और कुकीज़ जैसी चीजों का सेवन सीमित करें।
इसके बजाय फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे, बीज और खनिजों से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें। जैतून का तेल, अलसी, चिया बीज, अखरोट और एवोकाडो जैसे खाद्य पदार्थ भी संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।
क्या खाएं?
फलों में सेब, संतरा, जामुन, कीवी, नाशपाती और खरबूजा लाभकारी माने जाते हैं। सब्जियों में पालक, ब्रोकली, टमाटर, चुकंदर, फूलगोभी, शिमला मिर्च और एवोकाडो शामिल किए जा सकते हैं।
साबुत अनाज में ओट्स, जौ, ब्राउन राइस और दलिया अच्छे विकल्प हैं। इसके अलावा बादाम, अखरोट, अलसी, चिया बीज, कद्दू के बीज, छोले, राजमा, दाल, टोफू और अन्य पौध-आधारित प्रोटीन स्रोत भी उपयोगी माने जाते हैं।
किन चीजों से बचना चाहिए?
विशेषज्ञ प्रोसेस्ड स्नैक्स, अधिक चीनी वाले बेकरी उत्पाद, फास्ट फूड, फ्रोजन फूड, अत्यधिक प्रोसेस्ड वीगन उत्पाद, पैक्ड जूस, सोडा और एनर्जी ड्रिंक के अधिक सेवन से बचने की सलाह देते हैं।
जीवनशैली भी निभाती है अहम भूमिका
संतुलित खानपान के साथ नियमित व्यायाम, धूम्रपान से दूरी और शराब का सीमित या बिल्कुल सेवन न करना भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कुछ मामलों में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ओमेगा-3 सप्लीमेंट भी उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इन्हें बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं लेना चाहिए।



