देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज से अति तीव्र बारिश की संभावना भी जताई गई है। लगातार खराब मौसम का असर सड़क यातायात पर भी दिखाई दे रहा है और मसूरी क्षेत्र में कई मार्ग प्रभावित हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान पर्वतीय जिलों में अनेक स्थानों और मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है। देहरादून में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
भूस्खलन से मसूरी-दून मार्ग प्रभावित, फिलहाल वन-वे ट्रैफिक
लगातार बारिश के कारण मसूरी-दून मुख्य मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास पहाड़ी से मलबा और पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने दो जेसीबी मशीनों को मौके पर भेजा और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग से मलबा हटाकर यातायात बहाल कराया।
हालांकि, सड़क का एक हिस्सा पहले से क्षतिग्रस्त होने के कारण फिलहाल इस मार्ग पर केवल वन-वे ट्रैफिक संचालित किया जा रहा है। दोपहर बाद भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू करा दी गई।
किमाड़ी मार्ग पर भी भूस्खलन, लोगों की बढ़ीं मुश्किलें
लगातार बारिश का असर किमाड़ी मार्ग पर भी देखने को मिला, जहां भूस्खलन के कारण रास्ता बाधित हो गया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक पहाड़ी से मलबा गिरना पूरी तरह बंद नहीं हो जाता, तब तक मार्ग खोलने का काम शुरू करना जोखिम भरा होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह मलबा गिरता रहा तो सड़क खुलने में और समय लग सकता है, जिससे आवागमन की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
दूसरे दिन भी नहीं चलीं मसूरी की बसें
देहरादून-मसूरी मार्ग पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण दूसरे दिन भी रोडवेज बसों का संचालन बंद रहा। इसके चलते यात्रियों को निजी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा और अधिक किराया चुकाना पड़ा।
रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक सुरेश चौहान ने बताया कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद गुरुवार से टेंपो ट्रैवलर संचालित करने की योजना बनाई जाएगी।
मानसून के बीच सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने मानसून के दौरान सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। देहरादून में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, फोन हर समय चालू रखने और माइक्रो प्लान के आधार पर कार्य करने को कहा।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जल संस्थान को संवेदनशील सड़कों से मलबा हटाने, गड्ढों की मरम्मत, जलभराव वाले नालों की सफाई तथा पेयजल और बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए।




