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‘जनता को दर-दर न भटकाएं’… वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आयकर अधिकारियों को सख्त नसीहत, समयबद्ध समाधान पर दिया जोर

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग के अधिकारियों को आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह रहने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने वैध कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने या दर-दर भटकने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों को नियमों के दायरे में रहकर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

‘आयकर सिंधु’ भवन के उद्घाटन पर दिया संदेश

मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित 13 मंजिला ‘आयकर सिंधु’ भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस भवन के निर्माण के दौरान आवश्यक मंजूरियां हासिल करने में स्वयं आयकर विभाग के अधिकारियों को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

अधिकारियों से जनता की परेशानियां समझने की अपील

निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब विभाग के अधिकारी खुद प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आने वाली कठिनाइयों का अनुभव कर सकते हैं, तो उन्हें आम नागरिकों की समस्याओं और परेशानियों को भी उसी संवेदनशीलता से समझना चाहिए।

सरकारी कार्यप्रणाली पर जताई चिंता

वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों की धीमी कार्यशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसी तरह की लापरवाही के कारण सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। उन्होंने बताया कि जिस जमीन पर नया भवन बनाया गया है, वह वर्ष 1973 से आयकर विभाग के पास थी, लेकिन समय रहते उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण उस पर अवैध कब्जे हो गए।

सरकारी आवास की समस्या दूर करने का भरोसा

सीतारमण ने मुंबई और नवी मुंबई में आयकर अधिकारियों के लिए सरकारी आवास की कमी का भी उल्लेख किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही सरकारी विभागों के बीच भूमि हस्तांतरण और अन्य मंजूरियों की प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि भविष्य की परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

बीएसएनएल की जमीन के उपयोग का दिया सुझाव

वित्त मंत्री ने अधिकारियों को बीएसएनएल के पास उपलब्ध भूमि के बेहतर उपयोग की संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह संबंधित मंत्री से भी चर्चा करेंगी ताकि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा सके।

ईमानदारी और पारदर्शिता पर दिया विशेष जोर

अपने संबोधन के अंत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि ईमानदारी ही कर प्रशासन की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने आयकर अधिकारियों से निष्पक्षता, पारदर्शिता और पूरी ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।

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