हिमाचल में अगले 24 घंटे बेहद भारी! 7 जिलों पर रेड अलर्ट, फ्लैश फ्लड-भूस्खलन का खतरा, स्कूलों में छुट्टी का ऐलान

शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
7 जिलों में बाढ़ और फ्लैश फ्लड का गंभीर खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान बाढ़ और फ्लैश फ्लड का गंभीर खतरा बना हुआ है। विभाग ने 30 जुलाई तक कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते संबंधित जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
नाहन उपमंडल में 29 जुलाई को स्कूल बंद
सिरमौर जिले में रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए नाहन उपमंडल प्रशासन ने 29 जुलाई को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। एसडीएम नाहन ने उपमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों को बुधवार के लिए बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
3 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में 3 अगस्त तक मानसून की गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी रहेंगी। इसी कारण 30 जुलाई तक कई क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज और यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किया सतर्क
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को राजधानी शिमला सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद प्रशासन को संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा गया है।
चंबा में सबसे ज्यादा तबाही, 108 सड़कें बंद
भारी बारिश का सबसे अधिक असर चंबा जिले में देखने को मिला है। भडियाड़ और ओबड़ी मोहल्ला में नाले उफान पर आने से पानी और मलबा कई घरों में घुस गया, जिससे लोगों को जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। जिले में 50 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं भडियाड़ क्षेत्र में भूस्खलन के कारण करीब 10 वाहन मलबे में दब गए। पूरे प्रदेश में 108 मुख्य और संपर्क सड़कें बंद होने से यातायात भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।



