
नई दिल्ली: सावन का महीना हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष सावन का शुभारंभ शुभ मुहूर्त में हुआ है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। मान्यता है कि इस पूरे महीने श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वहीं सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। इस दौरान पूजा-पाठ के साथ खानपान को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ आयुर्वेद में भी सावन के दौरान खानपान में संयम रखने पर जोर दिया गया है। चूंकि यह समय मानसून का होता है, इसलिए मौसम में नमी और संक्रमण बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में भोजन का चयन सोच-समझकर करने की सलाह दी जाती है, ताकि शरीर स्वस्थ रहे और पूजा-अर्चना में किसी प्रकार की बाधा न आए।
दही के सेवन से बचने की सलाह
आयुर्वेद के अनुसार बारिश के मौसम में दही का सेवन सीमित रखना चाहिए। माना जाता है कि सावन के दौरान दही खाने से सर्दी, जुकाम और गले से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से रात के समय दही खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
पत्तेदार सब्जियां खाने में बरतें सावधानी
आयुर्वेद में कहा गया है कि श्रावण मास के दौरान शरीर में वात दोष बढ़ने लगता है। इसी कारण पालक, मूली के पत्ते और गोभी जैसी पत्तेदार सब्जियों का सेवन सावधानी से करने की सलाह दी जाती है। मानसून के मौसम में इन सब्जियों में कीड़े या सूक्ष्म जीव पनपने की संभावना अधिक रहती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
श्रावण और भाद्रपद में खानपान का विशेष महत्व
आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति ‘ऋतुचर्या’ में मौसम के अनुसार आहार और जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई है। इसके अनुसार श्रावण और भाद्रपद के दौरान शरीर में वात बढ़ता है और पित्त की सक्रियता भी अधिक हो जाती है। ऐसे में उन खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी जाती है, जिनसे वात और पित्त का असंतुलन बढ़ सकता है।
भाद्रपद में भी दही से दूरी रखने की सलाह
आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद महीने में भी दही और उससे बने खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस अवधि में शरीर में पित्त की वृद्धि होती है और दही का सेवन शरीर के दोषों के संतुलन को प्रभावित कर सकता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।



