मध्य प्रदेशराज्य

विश्व को भारतीय ज्ञान परंपरा समझनी है तो उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आएं: गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश

भोपाल: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यदि दुनिया प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को उसकी वास्तविक गहराई के साथ समझना चाहती है तो उसे उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम अवश्य आना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी श्रेष्ठ माना गया है और उज्जैन वह पवित्र भूमि है, जहां स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की थी।

मुख्यमंत्री महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर में आयोजित “गुरु परंपरा का लोकपर्व श्रद्धा समारोह” में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय ज्ञान परंपरा और सांदीपनि आश्रम की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर विस्तार से अपने विचार रखे।

उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि सांदीपनि द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को दी गई शिक्षा ने उन्हें जगतगुरु बनने की दिशा दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2028 महापर्व को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में साहित्य, कला, संस्कृति और धार्मिक महत्व से जुड़े विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के विकास में सभी धर्मों के लोग मिलकर सहयोग कर रहे हैं, जो सामाजिक समरसता का उदाहरण है।

सांदीपनि लोक और काल भैरव लोक की योजना पर भी चर्चा

कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन लगातार विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में जल्द ही सांदीपनि लोक और काल भैरव लोक विकसित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

महर्षि सांदीपनि की पूजा-अर्चना कर किया पुस्तकों का विमोचन

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने महर्षि सांदीपनि की पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद उन्होंने कुण्डेश्वर महादेव और सर्वेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तीन पुस्तकों का विमोचन किया, जिनमें “महर्षि गुरु सांदीपनि”, उनके स्वयं के लेखन पर आधारित पुस्तक, “महर्षि सांदीपनि भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पी” तथा “सर्वांग” शामिल हैं। साथ ही वेदपाठियों को श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण भी किया।

संस्कृति विभाग और त्रिवेणी संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन

यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और त्रिवेणी संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। समारोह में भक्ति गायन के साथ “गुरु दत्तात्रेय की पाठशाला” नामक नाट्य प्रस्तुति भी दी गई। कार्यक्रम में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button