
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से शिव पूजा करने पर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। वहीं, वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि पूजा से पहले घर में कुछ विशेष कार्य कर लिए जाएं तो सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पूजा का शुभ फल मिलने की मान्यता भी बढ़ जाती है।
उत्तर-पूर्व दिशा की अच्छी तरह करें सफाई
वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे पवित्र माना गया है। इसे देव स्थान का क्षेत्र भी कहा जाता है। सोमवार की सुबह स्नान के बाद सबसे पहले इस हिस्से की अच्छी तरह सफाई करें। यहां धूल, गंदगी, कबाड़ या भारी सामान नहीं होना चाहिए। इस स्थान पर स्वच्छ जल का छिड़काव करना भी शुभ माना जाता है।
मुख्य द्वार को रखें स्वच्छ, बनाएं स्वास्तिक का चिह्न
घर का मुख्य द्वार वास्तु के अनुसार ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना जाता है। सोमवार को शिव पूजा से पहले मुख्य द्वार और उसके आसपास की सफाई करें। दरवाजे के सामने जूते-चप्पल बिखरे न रहने दें। सफाई के बाद हल्दी या सिंदूर से स्वास्तिक का चिह्न बनाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
सेंधा नमक वाले पानी से पोछा लगाएं, फिर गंगाजल का छिड़काव करें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार सोमवार को घर की सफाई करते समय पोछे के पानी में थोड़ा सेंधा नमक मिलाना शुभ माना जाता है। इसके बाद पानी में गंगाजल मिलाकर पूरे घर, विशेष रूप से पूजा स्थल और बैठक कक्ष में छिड़काव करने की परंपरा भी बताई गई है। ऐसा करने से घर का वातावरण पवित्र और सकारात्मक बना रहता है।
पूजा स्थल और जल रखने की जगह रखें साफ
भगवान शिव का जल से विशेष संबंध माना जाता है। इसलिए सोमवार को घर के मंदिर के साथ-साथ पीने के पानी की जगह, जैसे मटका, जल पात्र या वाटर फिल्टर को भी स्वच्छ रखना चाहिए। पूजा से पहले तांबे के पात्र में स्वच्छ जल भरकर उसमें रोली, अक्षत और गंगाजल मिलाकर मंदिर में रखना शुभ माना जाता है।
कपूर और धूप से करें वातावरण को पवित्र
पूजा शुरू करने से पहले घर में कपूर और गुग्गल की धूप जलाने की भी मान्यता है। इसका धुआं पूरे घर में फैलाने से वातावरण सुगंधित और शांत रहता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इससे नकारात्मकता कम होती है और पूजा के दौरान मन एकाग्र रखने में सहायता मिलती है।



