भोज वेटलैंड पर एनजीटी का बड़ा एक्शन: 50 मीटर एफटीएल के भीतर सभी अवैध कब्जे हटेंगे, 31 अगस्त तक मांगी रिपोर्ट

भोपाल: राजधानी भोपाल के भोज वेटलैंड के साथ कलियासोत और केरवा डैम क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधिकरण ने साफ कर दिया है कि 50 मीटर फुल टैंक लेवल (एफटीएल) क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या कब्जे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन, एसडीएम और तहसीलदार की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए तीन सप्ताह के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
50 मीटर एफटीएल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज
एडवोकेट हर्षवर्धन तिवारी के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को पारित आदेश में एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ ने भोज वेटलैंड संरक्षण से जुड़े चार मामलों की संयुक्त सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बताया गया कि सात गांवों में कराए गए सर्वे के दौरान 50 मीटर एफटीएल क्षेत्र के भीतर कुल 117 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इनमें 68 अतिक्रमण शासकीय भूमि और 49 निजी भूमि पर पाए गए। अब तक 45 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, जबकि शेष 72 मामलों में कार्रवाई जारी है।
वेटलैंड संरक्षण के लिए जारी हुए सख्त निर्देश
सुनवाई के दौरान एनजीटी ने स्पष्ट किया कि मामला केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है। न्यायाधिकरण ने वेटलैंड नियमों के प्रभावी पालन, वैज्ञानिक सीमांकन, तालाबों में गंदे और अनुपचारित पानी के प्रवाह को रोकने तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। इसके अलावा केरवा और कलियासोत डैम सहित भोपाल तालाब की वैज्ञानिक सीमा तय करने, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग पर नियंत्रण तथा प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन क्षेत्र के संरक्षण के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय
एनजीटी ने एसडीएम, तहसीलदार और जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि एफटीएल क्षेत्र, वेटलैंड नियमों और मास्टर प्लान का उल्लंघन कर बनाए गए सभी अवैध निर्माणों की सूची तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही भोपाल कलेक्टर को समिति में पुलिस विभाग के एक अधिकारी को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की कमी बाधा न बने।
अवैध गतिविधियों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
सुनवाई के दौरान प्रशासन ने न्यायाधिकरण को बताया कि वेटलैंड क्षेत्र में अवैध मड रैली और वाहन रेसिंग करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों की नियमित ड्यूटी भी लगाई गई है। एनजीटी ने तीन सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं और मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त 2026 को निर्धारित की है।



