देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए देहरादून और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही देहरादून समेत 10 जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। खराब मौसम को देखते हुए देहरादून और बागेश्वर में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों से प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून और बागेश्वर के अलावा टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में भी तेज बारिश और वज्रपात की संभावना है। मंगलवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यमुनोत्री हाईवे लगातार दूसरे दिन भी बंद
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन भी बाधित रहा। मार्ग पर मलबा और बड़े पत्थर आने से यातायात प्रभावित है। सड़क बहाली का कार्य जारी है, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन से काम में दिक्कत आ रही है। बाड़िया गांव के पास सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र में दलदल जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे पैदल आवाजाही भी जोखिम भरी हो गई है।
तेज बारिश के बीच छज्जा गिरने से बुजुर्ग की मौत
देहरादून जिले के कालसी क्षेत्र के हरिपुर में मंगलवार सुबह तेज बारिश के दौरान एक दुकान का छज्जा गिरने से 64 वर्षीय विक्रम सिंह मलबे की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन हादसे में उनकी मौत हो गई।
भूस्खलन से एक घंटे तक फंसी रही एंबुलेंस
नई टिहरी क्षेत्र में निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना के पास भूस्खलन के कारण एक एंबुलेंस करीब एक घंटे तक रास्ते में फंसी रही। एंबुलेंस चालक का दावा है कि उसमें एक गर्भवती महिला सवार थी और सड़क बंद होने से उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
ज्योतिर्मठ में उफान पर आया घट गदेरा
मूसलाधार बारिश के चलते ज्योतिर्मठ क्षेत्र में परसारी घट गदेरा उफान पर आ गया। तेज बहाव से परसारी, तिलंगधार, पुना, खिड़खिड़ी और मेरग गांवों को जोड़ने वाली पैदल पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है। आसपास की कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।




