भारत की आजादी को अमेरिका में मिला सम्मान, मैसाचुसेट्स और बोस्टन ने 15 अगस्त को घोषित किया ‘इंडिया डे’

वॉशिंगटन: भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस से पहले अमेरिका से भारतीय समुदाय के लिए सम्मान की बड़ी खबर सामने आई है। मैसाचुसेट्स की गवर्नर मॉरा हीली ने 15 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर ‘इंडिया डे’ घोषित किया है। इसके साथ ही बोस्टन की मेयर मिशेल वू ने भी 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित करने की घोषणा की है।
भारतीय समुदाय के योगदान को मिला सम्मान
मैसाचुसेट्स सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में भारतीय समुदाय के राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की गई है। आदेश में कहा गया है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कारोबार और लोकसेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि को मजबूत किया है।
गवर्नर ने राज्य के नागरिकों से भी 15 अगस्त के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों और समारोहों में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है।
स्वतंत्रता दिवस समारोहों की भी सराहना
सरकारी आदेश में कहा गया है कि भारतीय समुदाय से जुड़े सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने स्वतंत्रता दिवस समारोहों और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से नागरिक भागीदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।
बोस्टन की मेयर ने भी किया बड़ा ऐलान
बोस्टन की मेयर मिशेल वू ने भी 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया है। उन्होंने बोस्टन में भारतीय वाणिज्य दूतावास के नए कार्यालय के उद्घाटन का स्वागत किया और ‘सेलबोस्टन-250’ कार्यक्रम के दौरान भारतीय नौसैनिक पोत आईएनएस सुदर्शिनी के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
भारत की लोकतांत्रिक विरासत का किया उल्लेख
सरकारी घोषणा में कहा गया है कि 15 अगस्त 2026 को भारत अपनी आजादी की 79वीं वर्षगांठ मनाएगा। वर्ष 1947 में मिली स्वतंत्रता ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि भारतीय मूल के 3.6 करोड़ से अधिक लोग दुनिया के विभिन्न देशों में रहते हैं, जबकि अमेरिका में 50 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं और देश के सामाजिक, आर्थिक तथा नागरिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
भारत की सांस्कृतिक विविधता को भी मिली पहचान
घोषणा में भारत को प्राचीन और बहुआयामी सभ्यता वाला देश बताते हुए उसकी भाषाई, धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता का उल्लेख किया गया है। साथ ही कहा गया है कि विविधताओं के बावजूद भारत ने अपनी मूलभूत एकता को कायम रखा है, जो उसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है।



