देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पशुपालकों, श्रमिकों, छात्रों और राज्य के आधारभूत ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाकर सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी इसमें शामिल करने का फैसला किया है। वहीं नई मजदूरी नियमावली को मंजूरी देते हुए ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान और हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देने का प्रावधान किया गया है। बैठक में हल्द्वानी के लामाचौड़ में हाईकोर्ट परिसर के निर्माण के लिए करीब 40 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा अनुदान
कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का विस्तार करते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना का लाभ देने का निर्णय लिया। अब लाभार्थी गाय के साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट लागत 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है।
योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जबकि सामान्य वर्ग के पशुपालकों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। सरकार के मुताबिक पहले वर्ष में करीब 2,128 पशुपालकों को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।
मजदूरों के लिए नई नियमावली मंजूर, ओवरटाइम पर मिलेगा दोगुना भुगतान
कैबिनेट ने मजदूरी संहिता, 2019 के तहत उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी। इसके तहत श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान और हर महीने की 7 तारीख तक वेतन दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा मजदूरी का डिजिटल भुगतान और समान काम के लिए महिला एवं पुरुष श्रमिकों को समान वेतन देने जैसे प्रावधान भी नियमावली में शामिल किए गए हैं।
एससी-एसटी छात्रावासों के संचालन की नई नियमावली पर मुहर
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार इसके लागू होने से छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर आवास, भोजन और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट ने ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में भी बदलाव को मंजूरी दी। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को और मजबूत करना है।
हाईकोर्ट परिसर के लिए 40 हेक्टेयर वन भूमि होगी हस्तांतरित
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से करीब 40 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले को न्यायिक आधारभूत ढांचे के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
खेल विश्वविद्यालय में 122 नियमित पदों को मंजूरी
गौलापार स्थित उत्तराखंड राज्य खेल विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नियमित पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके साथ ही तकनीकी और सहायक कर्मचारियों की आउटसोर्स व्यवस्था को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
वहीं वन विकास निगम में स्केलर पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा लागू करने का निर्णय लिया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए यूपी के साथ समझौते को मंजूरी
बैठक में मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप उत्तराखंड जीएसटी अधिनियम, 2017 में बदलाव के लिए अध्यादेश लाने का फैसला किया गया।
जल जीवन मिशन की योजनाएं पंचायतों को सौंपने पर सहमति
कैबिनेट ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने के लिए केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल को अपनाने पर भी सहमति जताई। बैठक के बाद महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।




