बिहार

पति ने पत्नी को प्रेमी संग आपत्तिजनक हालत में पकड़ा, विरोध किया तो दोनों ने कर दी हत्या; बीवी और बॉयफ्रेंड को उम्रकैद

दानापुर: बिहार के दानापुर व्यवहार न्यायालय ने चंदन हत्याकांड में उसकी पत्नी अनिशा कुमारी और उसके प्रेमी पप्पू कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एडीजे-1 कुमार गुंजन ने जुर्माने की राशि मृतक चंदन के पिता को देने का आदेश दिया है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में अनिशा के पिता उमेर यादव और भाई भीम यादव को पहले ही बरी किया जा चुका है। नौबतपुर के रेगनियाबा गांव निवासी चंदन की हत्या वर्ष 2014 में हुई थी।

शादी के बाद बिगड़े रिश्ते, पत्नी का प्रेम संबंध आया सामने

मृतक के पिता सुदर्शन प्रसाद के बयान पर दर्ज मामले में अब अदालत का फैसला आया है। चंदन कुमार की शादी वर्ष 2008 में दुल्हिन बाजार के सिंघाड़ कोपा निवासी उमेर यादव की बेटी अनिशा से हुई थी। शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के बीच संबंध सामान्य रहे, लेकिन कुछ समय बाद दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ने लगा।

इसी दौरान अनिशा के अवगिला, नौबतपुर निवासी पप्पू कुमार के साथ प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और शादी के बाद भी कथित तौर पर छिपकर मिलते रहे। आरोप है कि अनिशा ने पप्पू से संबंध खत्म करने से इनकार कर दिया।

पति ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखा, विरोध पर हुआ विवाद

मामले में आरोप लगाया गया कि चंदन ने अपनी पत्नी अनिशा को पप्पू कुमार के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उसने इस संबंध की जानकारी अपने पिता सुदर्शन प्रसाद को दी। इसके बाद परिवार में विवाद बढ़ गया। चंदन ने पत्नी के प्रेम संबंध का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगा।

विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत भी बुलाई गई थी। पंचायत में दोनों पक्षों को समझाने के बाद मामला शांत कराया गया।

पंचायत में समझौता, अगले ही दिन चंदन की हत्या

मामले के एपीपी के अनुसार, 13 जुलाई 2014 को इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। पप्पू ने अनिशा से संबंध नहीं रखने की बात स्वीकार की थी। लेकिन इसके अगले ही दिन 14 जुलाई 2014 को चंदन की हत्या कर दी गई।

चंदन के पिता सुदर्शन प्रसाद ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि अनिशा ने अपने प्रेमी पप्पू कुमार और अन्य लोगों के साथ मिलकर चंदन के साथ मारपीट की और उसकी हत्या कर दी। आरोप यह भी था कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

कमरे में बाहर से ताला लगाकर फरार होने का आरोप

घटना के बाद कमरे में बाहर से ताला लगा दिया गया और आरोपी वहां से फरार हो गए। बेटे की मौत की जानकारी मिलने के बाद सुदर्शन प्रसाद ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद नौबतपुर थाने में अनिशा देवी, पप्पू कुमार, उमेर यादव और भीम यादव के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया।

पुलिस की जांच में अनिशा और पप्पू के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और जुर्माना भी लगाया।

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