
नई दिल्ली: बंबई उच्च न्यायालय में लिपिक पद पर भर्ती के लिए आयोजित ऑनलाइन टाइपिंग परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छत्रपति संभाजीनगर में हुए इस प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके भी शामिल हुए। उन्होंने प्रभावित अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक वह छात्रों के साथ खड़े रहेंगे।
परीक्षा के दौरान तकनीकी दिक्कतों का आरोप
परीक्षा में शामिल कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन टाइपिंग टेस्ट के दौरान कंप्यूटर और सर्वर से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। कुछ अभ्यर्थियों के मुताबिक कंप्यूटर की स्क्रीन अचानक पीली दिखाई देने लगी, जबकि कुछ जगहों पर कीबोर्ड ने काम करना बंद कर दिया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि तकनीकी समस्याओं के कारण वे परीक्षा पूरी नहीं कर सके और उन्हें परीक्षा से वंचित होने का डर है। कथित तौर पर यह समस्या सुबह 10 बजे से 11:15 बजे के सत्र के दौरान सामने आई।
अभ्यर्थियों ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग की
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि तकनीकी समस्याओं के लिए उनकी कोई गलती नहीं थी, इसके बावजूद कई उम्मीदवारों को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया। इसी वजह से वे परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग कर रहे हैं।
अभिजीत दीपके ने भी प्रदर्शन में पहुंचकर अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई।
हाई कोर्ट ने तकनीकी समस्या की बात मानी
उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि लिपिक पद के लिए टाइपिंग परीक्षा एजेंसी के माध्यम से सुचारू रूप से आयोजित की गई थी। हालांकि, कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्याएं सामने आने की बात भी स्वीकार की गई है।
संदेश के मुताबिक औरंगाबाद और कल्याण केंद्रों पर विशेष रूप से कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। एजेंसी के जरिए आयोजित प्रक्रिया में अगर कोई तकनीकी समस्या हुई है तो उसकी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में अभ्यर्थियों को आधिकारिक तौर पर जानकारी दी जाएगी।
13 हजार उम्मीदवार थे पात्र
छत्रपति संभाजीनगर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर मराठवाड़ा और विदर्भ के करीब 2,900 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। वहीं उच्च न्यायालय की नागपुर और औरंगाबाद पीठ के तहत 1,300 पदों पर भर्ती के लिए तीन सत्रों में परीक्षा आयोजित की गई थी।
इस परीक्षा के लिए पूरे महाराष्ट्र से करीब 13,000 उम्मीदवार पात्र थे।
दीपके ने अधिकारियों पर लगाए आरोप
कथित तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद अभिजीत दीपके छत्रपति संभाजीनगर के सुराणा नगर इलाके में स्थित परीक्षा केंद्र पहुंचे। उन्होंने प्रभावित अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
दीपके ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर पहुंचे अभ्यर्थियों की समस्याओं को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया और उनसे कहा गया कि वे परीक्षा देना नहीं जानते। हालांकि, इस आरोप पर अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



