संसद में भारत-पाकिस्तान जैसा टकराव ठीक नहीं, सरकार विपक्ष का करे सम्मान: बाबा रामदेव

हरिद्वार: योग गुरु बाबा रामदेव ने संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ती राजनीतिक कटुता पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष संसद में भारत और पाकिस्तान की तरह आमने-सामने खड़े दिखाई देते हैं। रामदेव ने कहा कि इस तरह का माहौल देश की जनता के बीच गलत संदेश पहुंचाता है। उन्होंने सत्ता पक्ष से विपक्ष के साथ प्रेम और सम्मान का व्यवहार करने की अपील की।
बाबा रामदेव ने राजनीतिक और जातीय आधार पर बढ़ती नफरत को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में घृणा का माहौल नहीं बनना चाहिए। संसद में पक्ष और विपक्ष को एक-दूसरे के खिलाफ खड़े होने के बजाय देशहित में मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने सरकारी नौकरियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। रामदेव ने दावा किया कि सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार के दौरान 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला होता है। उन्होंने कहा कि पैसे लेकर नौकरी बांटने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। उनके मुताबिक व्यवस्था में सुधार के लिए अभी भी समय है। अगर घपले-घोटाले नहीं रुके तो देश में आगे भी आंदोलन हो सकते हैं और उन्हें भी दोबारा आंदोलन करना पड़ सकता है।
खास लोगों को नौकरी देना लोकतंत्र का अपमान
स्वतंत्रता दिवस पर पतंजलि योगपीठ में ध्वजारोहण कार्यक्रम से पहले रामदेव ने कहा कि जाति, वर्ग, समुदाय और विचारधारा के आधार पर कुछ खास लोगों को नौकरी देने और दूसरे लोगों को अवसर से बाहर रखने की शिकायतें लोकतंत्र के लिए अपमानजनक हैं।
लगातार आंदोलन चलते रहे तो देश कैसे आगे बढ़ेगा
रामदेव ने कहा कि एक तरफ देश में सत्यमेव जयते की बात होती है, जबकि दूसरी ओर पैसे लेकर नौकरियां बांटने के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश में लगातार आंदोलन होते रहेंगे तो विकास कैसे आगे बढ़ेगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह आंदोलन के नाम पर अराजकता का समर्थन नहीं करते, लेकिन घपले और अनियमितताओं को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।
झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगह स्कूलों में शिक्षक, किताबें, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। वहीं, जहां सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां नकल और प्रश्नपत्र लीक जैसी शिकायतें सामने आती हैं।
बीड़ी-सिगरेट पीना आजादी का मतलब नहीं
जेन जी के विरोध प्रदर्शनों में शामिल युवक-युवतियों को लेकर भी रामदेव ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आजादी के नाम पर कुछ युवक खुलेआम बीड़ी-सिगरेट का धुआं उड़ाते हैं और इनमें युवतियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आजादी का अर्थ इस तरह की गतिविधियां करना नहीं है। कार्यक्रम के दौरान पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण समेत बड़ी संख्या में साधक मौजूद रहे।



