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दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये कब से मिलेंगे? तारीख तय, 26 अगस्त को बड़ा कार्यक्रम

नई दिल्ली: दिल्ली की महिलाओं के लिए लक्ष्मी योजना के तहत हर महीने 2500 रुपये की पेंशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। पात्र महिलाओं को योजना का आधिकारिक पत्र 26 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सौंपा जाएगा। इसके बाद एक सितंबर से पेंशन की राशि सीधे पात्र महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी। योजना के तहत अब तक करीब आठ लाख पंजीकरण हो चुके हैं, जबकि पांच लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा किए जा चुके हैं।

पात्र महिलाओं को योजना का लाभ नियमित रूप से मिलता रहेगा। सरकार की ओर से आवेदन और पात्रता की प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाभार्थियों को पेंशन की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जाएगी।

दिल्ली-करनाल के बीच आज से दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें

दिल्ली परिवहन निगम की ओर से दिल्ली-करनाल मार्ग पर पांच वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बुधवार से शुरू किया जाएगा। करीब 133 किलोमीटर लंबे एकतरफा मार्ग पर बसें दोनों दिशाओं में रोजाना 10 फेरे लगाएंगी। इससे महाराणा प्रताप अंतरराज्यीय बस अड्डा, कश्मीरी गेट और हरियाणा के करनाल के बीच सीधी बस सेवा उपलब्ध होगी।

इस मार्ग में सिंघू बॉर्डर, राय, भालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंदा और मधुबन समेत कई प्रमुख स्थान शामिल होंगे। राजधानी में 56 महिला विशेष इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी शुरू किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली-करनाल के बीच अंतरराज्यीय बस सेवा, दिल्ली के लिए 200 नई इलेक्ट्रिक बसें और राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी जनता को समर्पित किया जाएगा।

बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के खेल परिसर से उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हरी झंडी दिखाकर इन सेवाओं की शुरुआत करेंगे।

डीटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 200 नई इलेक्ट्रिक बसें

परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, 200 नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में बसों की कुल संख्या करीब 6800 हो जाएगी। इनमें 4938 इलेक्ट्रिक और 1750 सीएनजी बसें होंगी।

नए बेड़े में 12 मीटर लंबी 88 इलेक्ट्रिक बसें और 9 मीटर लंबी 112 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। वहीं, राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन तैयार किया गया है। इसकी लागत 5.50 करोड़ रुपये बताई गई है।

पीडब्ल्यूडी के लिए बनेगा अलग इंजीनियरिंग कैडर

दिल्ली सरकार ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों का अलग कैडर बनाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके लिए सेवा एवं वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था। अब प्रस्ताव को मंजूरी के लिए शहरी विकास मंत्रालय के पास भेजा गया है।

मंजूरी मिलने के बाद संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के लिए कनिष्ठ और सहायक अभियंताओं की भर्ती की जाएगी। सरकार का मानना है कि अलग कैडर बनने से निर्माण परियोजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी।

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