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विश्व प्रसिद्ध ओम पर्वत से फिर गायब हुई बर्फ, प्राकृतिक ‘ॐ’ की आकृति धुंधली; पर्यावरणविदों की बढ़ी चिंता

पिथौरागढ़: विश्व प्रसिद्ध ओम पर्वत एक बार फिर बर्फ विहीन नजर आ रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र से धारचूला लौटीं स्थानीय निवासी उमा सनवाल गुंज्याल ने ओम पर्वत की ताजा स्थिति साझा की है। उनके मुताबिक, पर्वत पर बर्फ से बनने वाली प्राकृतिक ‘ॐ’ की आकृति इस बार पूरी तरह गायब दिखाई दी। बर्फ पिघलने की इस स्थिति ने श्रद्धालुओं के साथ पर्यावरणविदों की चिंता भी बढ़ा दी है। समुद्रतल से करीब 15,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित ओम पर्वत पर ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।

पहले भी कई बार गायब हो चुकी है बर्फ

ओम पर्वत से बर्फ पूरी तरह गायब होने की घटना पहले भी सामने आ चुकी है। अगस्त 2024 में भी पर्वत बर्फ विहीन हो गया था। हालांकि बाद में हुई बर्फबारी के बाद प्राकृतिक ‘ॐ’ की आकृति दोबारा दिखाई देने लगी थी। अगस्त 2025 में भी बर्फ पिघलने की स्थिति सामने आई थी। इसके अलावा बीते जनवरी में भी ओम पर्वत से काफी हद तक बर्फ गायब हो गई थी। लगातार अलग-अलग समय पर बर्फ के पिघलने की घटनाओं ने पर्वतीय पर्यावरण को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

बेरीनाग में भू-धंसाव और भूस्खलन से बढ़ी परेशानी

पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग की ग्राम पंचायत रीठा रैतोली में लगातार हो रही बारिश के कारण भू-धंसाव और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। कई जगह जमीन में गहरी दरारें पड़ गई हैं। इससे आवासीय मकानों पर खतरा बढ़ गया है। भू-धंसाव की चपेट में आने से बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

स्थिति को देखते हुए पंचायत के चार राजस्व गांवों में 16 अगस्त से बिजली आपूर्ति बंद है। प्रशासन ने किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए रीठा, असुर, रैतोली और ठांगा गांवों में विद्युत आपूर्ति रोक दी है।

लगातार बारिश से कई मकानों पर मंडरा रहा खतरा

ग्राम प्रधान निशा धारियाल और प्रमोद धारियाल के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण पंचायत के कई राजस्व गांवों में नुकसान हुआ है। असुर गांव में कृष्णानंद कापड़ी के मकान के पीछे भारी भू-धंसाव हुआ है। जमीन में कई जगह गहरी दरारें आने के साथ ही क्षेत्र से गुजर रही उच्च क्षमता वाली बिजली लाइन के खंभे भी टेढ़े हो गए हैं।

रैतोली गांव में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। गांव गंगा नदी के करीब स्थित है और नदी किनारे कटाव तथा भूस्खलन के कारण शेर सिंह, कुंदन सिंह, जनक सिंह, दीपक सिंह और अमित सिंह के मकानों पर खतरा पैदा हो गया है।

प्रशासन और सिंचाई विभाग ने किया निरीक्षण

जानकारी मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। टीम ने अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है। इसके अलावा सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने भी प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और तकनीकी सर्वे पूरा कर लिया है।

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