
नई दिल्ली: त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमत और देश में इसके घटते भंडार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर पहुंचने का दावा किया जा रहा है और 10 लाख टन चीनी का शुल्क-मुक्त आयात करना पड़ रहा है, तो पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण यानी ई20 नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही है।
नौ साल के निचले स्तर पर चीनी का भंडार होने का दावा
खरगे ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दुनिया के बड़े चीनी उत्पादकों और निर्यातकों में शामिल भारत में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर क्यों पहुंच गया है। उन्होंने सवाल किया कि स्थिति निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात तक कैसे पहुंच गई।
तीन महीने में करीब 40 प्रतिशत महंगी होने का दावा
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत करीब 40 प्रतिशत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि त्योहारों से ठीक पहले आम लोगों पर पड़ रही महंगाई की इस मार के लिए कौन जिम्मेदार है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह कैसा आत्मनिर्भर भारत है।
एथेनॉल नीति पर भी उठाए सवाल
खरगे ने कहा कि पहले चीनी का उत्पादन घटा, इसके बाद भंडार नौ साल के निचले स्तर पर पहुंच गया और अब देश को विदेश से चीनी आयात करनी पड़ रही है। दूसरी ओर गन्ने का इस्तेमाल पेट्रोल में मिलाने के लिए एथेनॉल बनाने में किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी परिस्थितियों में ई20 नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही है।
त्योहारों से पहले महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना
खरगे ने अपने बयान के जरिए चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को त्योहारों के मौसम में आम लोगों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया। उन्होंने चीनी के उत्पादन, भंडार, आयात और गन्ने से एथेनॉल उत्पादन से जुड़ी नीतियों को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए हैं।



