ट्रंप का बड़ा दावा: वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कंट्रोल, बोले- इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को वेनेजुएला के साथ हुए एक बड़े समझौते का दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिका वेनेजुएला के करीब 65 अरब बैरल तेल भंडार पर नियंत्रण करेगा। उन्होंने इसे दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील बताया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह समझौता अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री हेगसेथ और वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के बीच हुई बातचीत के बाद हुआ। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ ऐसा समझौता किया है, जो दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील है।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा तनाव
ट्रंप का यह ऐलान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनके आदेश पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका लाने के लिए एक ऑपरेशन चलाया था। उन पर नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी से जुड़े संघीय आरोप लगाए जाने की बात कही गई थी।
अमेरिका में गैस की बढ़ती कीमतों के बीच ट्रंप प्रशासन पर दबाव भी बढ़ा है। वहीं, ईरान में करीब छह महीने से जारी युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। ऐसे में अमेरिका ने अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का इस्तेमाल किया है। अगस्त की शुरुआत तक इसमें 30 करोड़ बैरल से भी कम तेल बचे होने की बात कही गई थी।
मादुरो को हटाने के बाद वेनेजुएला के तेल पर नजर
जनवरी में मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद ट्रंप ने अमेरिकी तेल कंपनियों को दोबारा वेनेजुएला भेजने और वहां मौजूद तेल भंडार का इस्तेमाल करने की बात कही थी। ट्रंप का आरोप रहा है कि वेनेजुएला ने अमेरिका का तेल चुराया था।
उनका यह संदर्भ पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के उस दौर से था, जब दशकों पहले सैकड़ों विदेशी संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। इनमें अमेरिकी तेल कंपनियों की संपत्तियां भी शामिल थीं।
303 अरब बैरल का विशाल तेल भंडार
वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है। देश की जमीन के नीचे करीब 303 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार बताया जाता है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के मुताबिक, यह दुनिया के कुल तेल भंडार का करीब 17 प्रतिशत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला के तेल भंडार की बड़ी मात्रा की पहले ही पहचान की जा चुकी है और उसके बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। हालांकि, कमजोर बुनियादी ढांचे और उत्पादन क्षमता की कमी के कारण विशाल तेल भंडार होने के बावजूद वेनेजुएला वैश्विक तेल उत्पादन में करीब 1 प्रतिशत ही योगदान देता है।



