
पटना: बिहार और पड़ोसी झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद राज्य की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बिहार के 12 जिलों में 22 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना में रविवार को गंगा नदी का जलस्तर बाढ़ के उच्चतम स्तर को पार कर गया, जिसके बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
पुनपुन नदी पर पुल के पास बढ़ा जलस्तर, कई ट्रेनें प्रभावित
मध्य पूर्व रेलवे ने बताया कि पटना-गया रेलखंड पर पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों को जोड़ने वाले पुल संख्या 21 के पास जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए कुछ रेलगाड़ियों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग जिलों में 190 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने और आवागमन में मदद के लिए 1,429 नावों को सेवा में लगाया गया है। राहत और बचाव अभियान के लिए विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 10 टीमें तैनात की गई हैं।
गांधी घाट पर गंगा ने 2016 का रिकॉर्ड तोड़ा
अधिकारियों के मुताबिक भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के उच्चतम स्तर से ऊपर पहुंच गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार रविवार सुबह छह बजे गांधी घाट पर नदी का जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया। यह 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम स्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है।
पटना जिले के पंडारक में भी गंगा का पानी पिछले उच्चतम स्तर को पार कर गया। रविवार सुबह छह बजे यहां जलस्तर 43.92 मीटर दर्ज किया गया, जबकि 16 अगस्त 2021 को पिछला उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर दर्ज हुआ था। यानी इस बार पानी 0.19 मीटर ऊपर पहुंच गया है।
बिहार की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
अधिकारियों के अनुसार राज्य की कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर में, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में तथा बूढ़ी गंडक खगड़िया में खतरे के निशान के ऊपर है।
गंगा नदी बक्सर, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा पुनपुन नदी श्रीपालपुर, घाघरा नदी दरौली और बागमती नदी बेनीबाद में भी खतरे के निशान के ऊपर है।



